ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में जिले के ग्राम कुलैथ में 13 नवंबर को पशु पालक सम्मेलन प्रस्तावित है। मंगलवार को हुई अंतरविभागीय समन्वय बैठक में इस सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिला पंचायत के सीईओ सोजान सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर कृषि व कृषि अभियांत्रिकी, पशु पालन व डेयरी, मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी सहित खेती से जुड़े अन्य विभाग प्रभावी व आकर्षक प्रदर्शनियां लगाएं, जिससे किसान एवं पशु पालक इन प्रदर्शनियों को देखकर विभागीय योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने पशु पालक सम्मेलन की सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। कुलैथ में आयोजित होने जा रहे इस सम्मेलन के दौरान बैलगाड़ी दौड़ सहित अन्य गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में विभागीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री द्वारा जिले के भ्रमण के दौरान की गई घोषणाओं का पालन कराने के निर्देश भी दिए गए।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रावत ने निर्देश दिए कि इस काम को गंभीरता से लें और घोषणाओं को धरातल पर लाएं। इसमें कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर , पराली व नरवाई प्रबंधन, स्वामित्व अधिकार के तहत रजिस्ट्री एवं चीता जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों की भी समीक्षा की गई। जिला पंचायत सीईओ ने दीपावली त्योहार को ध्यान में रखकर अस्पतालों में प्राथमिक बर्न यूनिट तैयार करने के निर्देश स्वास्थय विभाग के अधिकारियों को दिए। बैठक में वन मंडल अधिकारी मुकेश पटेल, अपर कलेक्टर सीबी प्रसाद व अनिल बनवारिया, जिले के एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
जन विश्वास अभियान को गंभीरता से लें, संस्थाओं का करें अनिवार्यत: निरीक्षण
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान को गंभीरता से लें। अभियान के तहत आयोजित होने वाले शिविरों में समस्याओं के निराकरण के साथ -साथ सभी अधिकारी क्षेत्र भ्रमण कर अपने- अपने विभाग से संबंधित संस्थाओं का निरीक्षण करें। साथ ही हितग्राहियों से संपर्क कर योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में फीडबैक लें। उन्होनें विभागीय अधिकारियों से निरीक्षण की जानकारी ऑनलाइन अपडेट करने के निर्देश दिए। साथ ही जनपद पंचायतों के सीईओ और मुख्य नपा अधिकारियों से जन विश्वास शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण का ब्यौरा आवेदकों के नाम सहित शिविरवार मांगा है।
पराली प्रबंधन के लिए 46 गांवों में लगी विशेष चौपाल
जिले में पराली एवं नरवाई प्रबंधन के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया कि पिछले साल जिले के जिन 46 गांवों में पराली व नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आईं थीं, उन गांवों में चौपाल लगाकर व कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को जागरूक किया गया है। साथ ही जिन किसानों ने नरवाई जलाई थी, उन्हें स्पष्ट रूप से सचेत कर दिया है कि यदि फिर से नरवाई जलाने की कोशिश की तो जुर्माने के साथ- सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला पंचायत सीईओ ने निर्देश दिए कि जो हार्वेस्टर मालिक अपने हार्वेस्टर में एसएमएस यंत्र न लगाएं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने विभिन्न ग्रामों में पराली व नरवाई प्रबंधन से संबंधित कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी लगाने के निर्देश भी उप संचालक कृषि को दिए।
चीता संरक्षण में शासकीय सेवक सहयोगी बनें, भ्रामक खबरों को फैलने से रोकें
वन मंडलाधिकारी मुकेश पटेल ने बैठक में मौजूद अधिकारियों से कहा कि आप सब चीता संरक्षण कार्यक्रम में सहयोगी बनें। गौरव की बात है कि मध्यप्रदेश को चीतों के संरक्षण के लिए चुना गया है। उन्होंने कहा कि कूनो नेशनल पार्क से चीते ग्वालियर जिले की सीमा में भी आ सकते हैं। यदि किसी को चीता दिखे तो उसकी सूचना वन विभाग को अवश्य दें और उनकी रील और वीडियों न बनाएं। साथ ही इनका प्रसार न होने दे जिससे चीतों के प्रति भ्रामक जानकारी न फैले। वन मंडलाधिकारी ने कहा कि चीतों से मनुष्यों को कोई खतरा नहीं होता है। पशुओं को हानि पहुँचने पर सरकार द्वारा तत्परता से संबंधित पशु पालक को क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराई जाती है।
