ग्वालियर। जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने त्योहारी सीजन और मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बुधवार, 4 नवंबर को बड़ी कार्रवाई की गई है। अनुविभागीय अधिकारी (SDM) के निर्देशन में राजस्व दल और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने भंवरपुरा और सिकरावली गांवों में संचालित अवैध मावा कारखानों पर औचक दबिश दी। इस दौरान भारी मात्रा में संदिग्ध मावा और मिलावट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त की गई है।
बिना लाइसेंस के चल रहे थे कारखाने, पाम ऑयल भी बरामद
जांच टीम ने सबसे पहले ग्राम भंवरपुरा में राकेश पुत्र अतर सिंह गुर्जर के कारखाने पर निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि यह कारखाना बिना किसी वैध फूड लाइसेंस के संचालित हो रहा था। टीम ने मौके से मावा के दो और दूध का एक सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा। साथ ही, मौके से 35 किलो संदिग्ध मावा जब्त कर आरोपी से बॉन्ड भरवाया गया।
इसके बाद टीम ने ग्राम भंवरपुरा में ही बीरबल पुत्र प्रीतम गुर्जर के कारखाने की जांच की। यहां भी खाद्य विभाग का कोई लाइसेंस नहीं मिला। इस कार्रवाई के दौरान कारखाने के गोदाम से मावा और दूध के सैंपल (मावा के दो और दूध का एक) लेने के साथ-साथ पाम तेल के टीन और अन्य संदिग्ध सामग्री भी बरामद हुई। टीम ने यहां से 50 किलो मावा जब्त कर बॉन्ड भरवाने की कार्रवाई की है।
सिकरावली में भी जारी रही कार्रवाई
अवैध कारोबारियों के खिलाफ धरपकड़ जारी रखते हुए टीम ने ग्राम सिकरावली स्थित बंटी गुर्जर के कारखाने पर भी दबिश दी। वहां से दूध और मावा का एक-एक सैंपल लिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मिलावटखोरों के खिलाफ स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे अवैध कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जब्त किए गए सभी सैंपलों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक और न्याय-संगत कार्रवाई की जाएगी।जाएगी।
