ग्वालियर। नगर परिषद क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों के संबंध में अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) द्वारा नियमानुसार कार्रवाई के लिए कलेक्टर के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए थे। इन प्रस्तावों के आधार पर कलेक्टर न्यायालय में संबंधित भूमिस्वामियों एवं अवैध कॉलोनी विकासकर्ताओं को सुनवाई का अवसर दिया गया तथा कॉलोनियों के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय भी दिया गया। इसके बावजूद संबंधित भूमिस्वामी एवं कॉलोनी विकासकर्ता वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहे।
शासन द्वारा नगर पालिका परिषद एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए कलेक्टर को सक्षम अधिकारी के रूप में अधिकृत किया गया है। वहीं, नगर निगम क्षेत्र में विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए नगर निगम आयुक्त को अधिकृत किया गया है।
कलेक्टर द्वारा मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 61 के प्रावधानों के तहत संबंधित भूमिस्वामी एवं अवैध कॉलोनी विकासकर्ताओं के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत कॉलोनी विकास नियम, 2014 के नियम 21 के प्रावधानों के अनुसार आगामी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को दिए गए हैं।
इसी प्रकार नगरीय परिषद क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के संबंध में मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 तथा मध्यप्रदेश नगरपालिका (कॉलोनी का विकास) नियम, 2021 के नियम 22 में वर्णित प्रावधानों के अनुरूप आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने एवं नियमानुसार आगामी कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को दिए गए हैं।
प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों का पालन किए बिना विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
