रीवा एवं सीधी की ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस टीमों ने अत्यधिक बारिश और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच साहसिक सुधार कार्य करते हुए रीवा और सीधी क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति के लंबे व्यवधान से बचाया
भोपाल। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की रीवा एवं सीधी की ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस टीमों ने अत्यधिक बारिश और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच साहसिक सुधार कार्य करते हुए रीवा और सीधी क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति के लंबे व्यवधान से बचाया।
ऊर्जा मंत्री तोमर के अनुसार 220 केवी रीवा-सीधी ट्रांसमिशन लाइन के चरखी घाटी क्षेत्र में स्थित एक टेंशन टावर की डिस्क स्ट्रिंग आकाशीय बिजली के आघात से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस क्षेत्र में लगातार हो रही भारी वर्षा, जगह-जगह जलभराव, मार्गों के क्षतिग्रस्त होने तथा कई स्थानों पर रास्तों के डूब क्षेत्र में आने जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद रीवा और सीधी की मेंटेनेंस टीमें ब्रेक-डाउन स्थल तक पहुंचीं।
ऊंची पहाड़ी के दुर्गम क्षेत्र में था टावर ब्रेक-डाउन स्थल ऊंची पहाड़ियों और दुर्गम क्षेत्र में स्थित होने के कारण वहां तक आवश्यक सामग्री एवं टूल्स पहुंचाना बड़ी चुनौती थी। फिसलन भरे रास्तों और मूसलाधार बारिश के बीच एमपी ट्रांसको के मेंटेनेंस कर्मियों ने भारी उपकरणों और सामग्री को सुरक्षित रूप से टावर तक पहुंचाया तथा प्रतिकूल परिस्थितियों में सुधार कार्य प्रारंभ किया। अत्यंत विपरीत मौसम और दुर्गम परिस्थितियों में आवश्यक मेंटेनेंस कार्य पूरा करते हुए टीम ने अंधेरा होने से पहले लाइन को पुनः चालू कर विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी।
रीवा और सीधी दोनों शहर थे प्रभावित
एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता आरएस पांडेय ने बताया कि 220 केवी सब-स्टेशन सीधी को सामान्यतः अमरकंटक पावर हाउस तथा रम्स की सोलर परियोजना से विद्युत आपूर्ति प्राप्त होती है। इसी प्रकार रीवा को भी अमर-कंटक पावर हाउस से सीधी के माध्यम से आने वाली 220 केवी आपूर्ति तथा रम्स की सोलर आपूर्ति प्राप्त होती है। 220 केवी अमरकंटक-सीधी लाइन फॉल्ट होने तथा उसके बाद सीधी-रीवा 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन के ब्रेक-डाउन में जाने से सीधी और रीवा दोनों शहर मुख्य रूप से सोलर स्रोत से मिलने वाली आपूर्ति पर निर्भर हो गए थे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बनाए रखना और अंधेरा होने से पहले लाइन को सामान्य करना एक बड़ी चुनौती थी। रीवा के सहायक अभियंता अजय चौरसिया तथा सीधी के सहायक अभियंता गोरेलाल साहू के कुशल निर्देशन, आपसी समन्वय और दोनों टीमों के संयुक्त प्रयासों से यह चुनौतीपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
ऊर्जा मंत्री ने की ट्रांसको के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना
ऊर्जा मंत्री तोमर ने प्रतिकूल मौसम में कार्य करने वाले एमपी ट्रांसको के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में विश्वसनीय विद्युत पारेषण व्यवस्था बनाए रखने के लिए कंपनी के कार्मिक विषम परिस्थितियों में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। रीवा-सीधी ट्रांसमिशन लाइन पर किया गया। यह त्वरित सुधार कार्य इसी समर्पण और तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
मुरैना के गणेशपुरा विद्युत वितरण केंद्र राजस्व वृद्धि में अव्वल, ग्वालियर क्षेत्र अंतर्गत भिण्ड सर्किल के लहार संभाग स्थित दबोह ग्रामीण वितरण केंद्र ने AT&C हानियों में 27.85 % की कमी दर्ज कर ग्वालियर क्षेत्र में प्रथम स्थान हासिल किया है
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विद्युत वितरण व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं दक्ष बनाने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। कंपनी के मैदानी अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किए गए समर्पित प्रयासों के फलस्वरूप राजस्व संग्रहण में ऐतिहासिक वृद्धि, ट्रांसफार्मर विफलता दर में कमी, शत-प्रतिशत बकाया वसूली एवं एटीएंडसी हानियों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।
राजस्व संग्रहण में गत वर्ष की तुलना में सर्वाधिक प्रतिशत वृद्धि अर्जित करने वाले शहरी वितरण केंद्रों में मुरैना संचा./संधा. वृत्त अंतर्गत मुरैना संभाग- 1 के गणेशपुरा वितरण केंद्र ने कंपनी स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। गणेशपुरा वितरण केंद्र द्वारा किए गए विशेष प्रयासों से वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्त 2265.46 लाख रुपये राजस्व वसूली की तुलना में वर्ष 2025-26 में 4280.42 लाख रुपये का राजस्व एकत्र करते हुए 88.94 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है।
तकनीकी दक्षता एवं वितरण ट्रांसफार्मरों के संधारण के क्षेत्र में संचा./संधा. वृत्त रायसेन ने कंपनी क्षेत्रांतर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। रायसेन वृत्त में वितरण ट्रांसफार्मर फेल होने की दर पिछले वर्ष की तुलना में 3.06 प्रतिशत कम रही, जो कंपनी क्षेत्रांतर्गत न्यूनतम है। इसी प्रकार निम्नदाब श्रेणी में सर्वाधिक बकाया राशि वसूली के अंतर्गत बैतूल वृत्त के संभाग दक्षिण के बैतूल जोन शहर-II ने विशेष प्रयासों से मार्च 2025 की 25.75 लाख रुपये की बकाया राशि की तुलना में मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत की कमी लाते हुए संपूर्ण बकाया राशि की नकदी वसूली सुनिश्चित कर उत्कृष्ट कार्य किया।
सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों (ए.टी. एंड सी. लॉस) को न्यूनतम स्तर पर लाने में कंपनी के भोपाल एवं ग्वालियर क्षेत्र के ग्रामीण वितरण केंद्रों ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। भोपाल क्षेत्र अंतर्गत नर्मदापुरम वृत्त के पिपरिया संभाग स्थित सांडिया ग्रामीण वितरण केंद्र ने एटी एंड सी हानियों में गत वर्ष की तुलना में 20.06 प्रतिशत की कमी दर्ज कर भोपाल क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। वहीं ग्वालियर क्षेत्र अंतर्गत भिण्ड वृत्त के लहार संभाग स्थित दबोह ग्रामीण वितरण केंद्र ने AT&C हानियों में 27.85 प्रतिशत की कमी दर्ज कर ग्वालियर क्षेत्र में प्रथम स्थान हासिल किया है।
