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मध्य प्रदेश के जीआई टैग वाले 'रीवा सुंदरजा आम' का पहली बार यूएई को व्यावसायिक निर्यात, किसानों को मिला 50% तक अधिक दाम, यह उपलब्धि वैश्विक बाजार में भारत के विशिष्ट कृषि उत्पादों को पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण कदम है

बीते रोज 26 जून को एक मीट्रिक टन रीवा सुंदरजा आम की पहली खेप यूएई भेजी गई है, एपीडा ने इस निर्यात प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है

यह उपलब्धि वैश्विक बाजार में भारत के विशिष्ट कृषि उत्पादों को पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, मप्र की उदयानिकी उत्पादों को मिला है विदेशी बाजार

भोपाल। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की पहल से मध्य प्रदेश के जीआई टैग प्राप्त रीवा सुंदरजा आम का पहली बार व्यावसायिक निर्यात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए किया गया है। इस निर्यात से किसानों को स्थानीय बाजार की तुलना में 50 प्रतिशत तक अधिक कीमत मिली है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, 26 जून को एक मीट्रिक टन रीवा सुंदरजा आम की खेप यूएई भेजी गई। एपीडा ने इस निर्यात प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मंत्रालय ने बताया कि, स्थानीय बाजार में रीवा सुंदरजा आम की कीमत 100 से 110 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि निर्यातक ने किसानों से यह आम 150 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा। इससे किसानों को 40 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम का अतिरिक्त लाभ मिला, जो उन्हें निर्यात आधारित आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने का सीधा आर्थिक फायदा है। इस खेप में शामिल उच्च गुणवत्ता वाले जीआई टैग प्राप्त रीवा सुंदरजा आम रीवा जिले के गोविंदगढ़ के प्रगतिशील किसान सोनू गुप्ता और सेंधा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से खरीदे गए थे। आमों की ग्रेडिंग, छंटाई और पैकिंग उत्तर प्रदेश के भदोही स्थित एपीडा समर्थित पैक हाउस में की गई, जिसके बाद इन्हें वाराणसी से हवाई मार्ग के जरिए यूएई भेजा गया।

'रीवा सुंदरजा आम' की अंतरराष्ट्रीय यात्रा की शुरुआत

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि, यह निर्यात रीवा सुंदरजा आम की अंतरराष्ट्रीय यात्रा की शुरुआत है और आने वाले वर्षों में इसके नियमित निर्यात का मार्ग प्रशस्त करेगा। मंत्रालय के अनुसार, यह उपलब्धि वैश्विक बाजार में भारत के विशिष्ट कृषि उत्पादों को पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही यह दर्शाता है कि जीआई पंजीकरण क्षेत्र विशेष के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अलग पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाता है।अपनी खास मिठास, बेहतरीन सुगंध, रेशारहित गूदे और विशिष्ट स्वाद के लिए प्रसिद्ध रीवा सुंदरजा आम में निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। इस निर्यात से इस देशी किस्म को वैश्विक पहचान मिलने के साथ मध्य प्रदेश को प्रीमियम आम निर्यात के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।

एपीडा ने बताया कि, पिछले कई महीनों से उसने मध्य प्रदेश उद्यानिकी विभाग, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), पैक हाउस संचालकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ मिलकर इस निर्यात की तैयारी की थी। प्राधिकरण ने कहा कि, भविष्य में भी जीआई टैग वाले कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने, निर्यात अवसंरचना मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने और किसानों के लिए बेहतर आय के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास जारी रहेंगे।रहेंगे।

सुंदरजा' रीवा और पूरे मध्यप्रदेश की पहचान बना है

दो साल पहले रीवा ज़िले के गोविंदगढ़ में उगने वाले सुंदरजा आम को जियोग्राफ़िकल इंडिकेशन टैग मिला है। 1968 में सुंदरजा पर एक पोस्टेज स्टैम्प जारी किया गया था। यह दिखने में सुंदर और स्वाद में लाजवाब होता है और इसकी खुशबू भी बहुत अच्छी होती है। यह पहली बारिश के बाद पक जाता है और सिर्फ़ गोविंदगढ़ के माहौल में ही उगता है, क्योंकि यहाँ की मिट्टी और तापमान सुंदरजा के पेड़ के फलने-फूलने के लिए सही हैं। पत्ती, छाल, बीज हर हिस्सा काम का होता है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट है और इसमें विटामिन-A, विटामिन-C और आयरन भरपूर होता है। डायबिटीज़ के मरीज़ भी इसे पसंद करते हैं क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा कम होती है। सुंदरजा रीवा ज़िले और पूरे मध्यप्रदेश की पहचान बन गया है।

रीवा के फ्रूट रिसर्च सेंटर, कथुलिया में आम पर और रिसर्च चल रही है। यहाँ अलग-अलग वैरायटी के 2345 आम के पेड़ उगाए गए हैं, जिनमें मुख्य रूप से बॉम्बे ग्रीन, इंदिरा, दशहरी, लंगड़ा, गधुवा, आम्रपाली, मल्लिका शामिल हैं। बाणसागर डैम नहर रीवा और आस-पास के जिलों में बागवानी फसलों के लिए लाइफ-लाइन साबित हुई है, जिससे फूड प्रोसेसिंग के छोटे उद्योगों के लिए काफी अवसर बने हैं। गोविंदगढ़ इलाके में ही आम के अच्छे बाग हैं। यहां करीब 237 तरह के आम उगाए जाते हैं। सभी का स्वाद बहुत अच्छा होता है। रीवा फ्रांस, USA, UK और UAE को आम एक्सपोर्ट कर रहा है।है।