ग्वालियर। प्राकृतिक खेती के व्यापक प्रसार, किसानों की आय में वृद्धि तथा टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले में 19 एवं 20 जून को दो दिवसीय जिला स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों, कृषि वैज्ञानिकों, विषय विशेषज्ञों, प्रगतिशील किसानों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता रहेगी।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यशाला में जिले के जनप्रतिनिधियों, विषय विशेषज्ञों एवं प्रगतिशील कृषकों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का आयोजन प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी ढंग से किया जाए, ताकि जिले के अधिक से अधिक कृषक प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों से लाभान्वित हो सकें।
दो दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन 19 जून को प्रातः 10 बजे बाल भवन सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास ने बताया कि कार्यक्रम में सांसद, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, कृषि एवं संबद्ध विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों तथा जिले के विभिन्न विकासखंडों से प्राकृतिक खेती अपनाने वाले कृषकों को आमंत्रित किया गया है।
कार्यशाला में प्राकृतिक खेती के मूल सिद्धांतों, व्यवहारिक तकनीकों, स्थानीय संसाधनों के उपयोग, जैविक आदानों के निर्माण तथा फसल उत्पादन लागत में कमी लाने के उपायों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि अभियांत्रिकी, आत्मा परियोजना एवं अन्य संबद्ध विभागों द्वारा योजनाओं और तकनीकी नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इससे कृषकों को विभिन्न विभागों की योजनाओं, सेवाओं एवं तकनीकी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगी।
कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक खेती अपनाकर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करने वाले कृषकों द्वारा अपने अनुभव साझा किए जाएंगे। उनके अनुभव अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे तथा प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता और विश्वास को और सुदृढ़ करेंगे।
दूसरे दिन बिलौआ में होगा व्यवहारिक प्रशिक्षण
कार्यशाला के द्वितीय दिवस 20 जून को विकासखंड डबरा के ग्राम बिलौआ स्थित प्रगतिशील कृषक प्राण सिंह के जैविक कृषि प्रक्षेत्र पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन किसानों को प्राकृतिक खेती के व्यवहारिक स्वरूप को समझने तथा खेत स्तर पर अपनाई जा रही तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन करने का अवसर प्रदान करेगा।
पीएम मोदी के उदबोधन का होगा सीधा प्रसारण
द्वितीय दिवस के कार्यक्रम में प्रातः 11 बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उदबोधन का लाइव प्रसारण किया जाएगा, जिसे उपस्थित कृषक, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी सामूहिक रूप से सुनेंगे। प्राकृतिक खेती, कृषि आत्मनिर्भरता एवं किसानों के सशक्तिकरण के संबंध में प्रधानमंत्री द्वारा दिए जाने वाले संदेश से कृषकों को नई दिशा एवं प्रेरणा प्राप्त होगी।
लाइव प्रसारण के उपरांत प्राकृतिक खेती विषयक तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें विशेषज्ञ प्राकृतिक खेती की वैज्ञानिक पद्धतियों, जैविक आदानों की उपयोगिता, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जल प्रबंधन तथा कृषि उत्पादों की बाजार संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी देंगे। साथ ही जिले में प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, उपलब्धियों एवं भावी कार्ययोजना पर भी चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कृषकों एवं विशेषज्ञों के मध्य आयोजित संवाद सत्र रहेगा। इस दौरान कृषक अपने अनुभव साझा करेंगे तथा प्राकृतिक खेती के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर खुलकर चर्चा करेंगे। यह संवाद प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों के बीच ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान का प्रभावी मंच सिद्ध होगा।
जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने जिले के अधिक से अधिक कृषकों से दोनों दिवसीय कार्यक्रमों में सहभागिता करने का आग्रह किया है। यह कार्यशाला प्राकृतिक खेती के व्यापक प्रसार, पर्यावरण संरक्षण, उत्पादन लागत में कमी तथा किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।
