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शहीद ज्योति यात्रा के साथ दो दिवसीय बलिदान मेला की भव्य शुरूआत ; झांसी से आई शहीद ज्योति की स्थापना से जगमगाई वीरांगना लक्ष्मीबाई की समाधि

वीरांगना लक्ष्मीबाई के शस्त्रों की प्रदर्शनी का भी हुआ उदघाटन , “वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप” लघु नाटिका के मंचन ने किया रोमांचित

ग्वालियर। झांसी दुर्ग से आई शहीद ज्योति यात्रा के साथ दो दिवसीय वीरांगना बलिदान मेला का बुधवार 17 जून को शाम भव्य शुभारंभ हुआ। पड़ाव से वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की समाधि तक शहीद ज्योति यात्रा निकली। जैसे ही समाधि परिसर में शहीद ज्योति की स्थापना हुई वैसे ही झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की बलिवेदी दीपावली की तरह जगमगा उठी। झांसी से विक्रम बुंदेला के नेतृत्व में बुंदेली युवा शहीद ज्योति यात्रा को ग्वालियर लेकर आए। 

देशभक्ति से ओतप्रोत शहीद यात्रा का पड़ाव पर बलिदान मेला के संस्थापक अध्यक्ष एवं राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया। इसके बाद यह यात्रा महारानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर पहुँची और यहां पर पूरी गरिमा के साथ शहीद ज्योति स्थापित की गई। इस आयोजन में पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, सभापति  मनोज तोमर, मेला अध्यक्ष अशोक जादौन, जीडीए के अध्यक्ष  मधुसूदन सिंह भदौरिया, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया, पूर्व विधायक  घनश्याम पिरौनिया तथा राकेश माहौर, पप्पू वर्मा, कमल माखीजानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय एवं अपर आयुक्त नगर निगम  टी. प्रतीक राव सहित अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। 

शहीद ज्योति यात्रा की स्थापना के बाद बलिदान मेला के संस्थापक अध्यक्ष पवैया सहित अन्य अतिथियों ने 1857 स्वतंत्रता समर पर केन्द्रित अमर वीरांगना लक्ष्मीबाई के शस्त्रों पर केन्द्रित प्रदर्शनी का उदघाटन किया। बलिदान मेला स्थल पर राज्य शासन के संस्कृति विभाग के स्वराज संस्थान संचालनालय एवं नगर निगम के सहयोग से यह प्रदर्शनी लगाई गई है। दो भागों में लगी इस प्रदर्शनी के एक भाग में वीरांगना लक्ष्मीबाई के समय के जीवंत अस्त्र-शस्त्रों प्रदर्शित किए गए हैं। दूसरी प्रदर्शनी में वीरांगना लक्ष्मीबाई सहित भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की महिला क्रांतिकारियों का जीवन दर्शन चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।     

बलिदान मेले के पहले दिन लघु नाटिका “वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप” का मंचन हुआ। इस नाटिका में कलाकारों द्वारा किए गए महाराणा प्रताप के शौर्य, पराक्रम, त्याग व बलिदान के जीवंत मंचन को देखकर बड़ी संख्या में मौजूद नागरिक एवं जनप्रतिनिधि देशभक्ति के जज्बे से रोमांचित हो गए। सभी ने करतल ध्वनि से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। 

मुख्य समारोह 18 जून को, क्रांतिवीर वंशज सम्मान समारोह, “खूब लड़ी मर्दानी” महानाट्य मंचन एवं अभा कवि सम्मेलन होगा , उप मुख्यमंत्री देवड़ा के मुख्य आतिथ्य में होगा आयोजन 

  बलिदान मेला का प्रमुख समारोह 18 जून को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के मुख्य आतिथ्य में लक्ष्मीबाई समाधि के सामने स्थित मैदान में शाम 7 बजे आयोजित होगा। इस आयोजन में “खूब लड़ी मर्दानी” महानाट्य का मंचन, “क्रांतिवीर वंशज सम्मान” समारोह आयोजित होगा। अंत में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। 

कवि सम्मेलन में ख्यातिनाम कवि करेंगे काव्यपाठ 

बलिदान मेला में आयोजित होने जा रहे अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में ओज की ख्यातिनाम कवियत्री कविता तिवारी, वीर रस के वरिष्ठ कवि जगदीश सोलंकी, हास्य कवि प्रताप फौजदार,  प्रवीण शुक्ल व  शंभू शिखर, श्रृंगार के कवि गजेन्द्र प्रियांशु, डॉ. कमलेश शर्मा,  अभय सिंह निर्भीक व  अखिलेश द्विवेदी काव्य पाठ करेंगे।