ग्वालियर। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस के अवसर पर नगर निगम ग्वालियर द्वारा उनकी समाधि स्थल पर आयोजित दो दिवसीय ऐतिहासिक प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ किया गया। बलिदान मेला का प्रमुख समारोह आज 18 जून को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के मुख्य आतिथ्य में लक्ष्मीबाई समाधि के सामने स्थित मैदान में शाम 7 बजे से आयोजित होगा।
इससे पहले बुधवार की शाम प्रदर्शनी का उद्घाटन राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं बलिदान मेला के संस्थापक जयभान सिंह पवैया, पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, निगम सभापति मनोज तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजोरिया, जीडीए अध्यक्ष, लालजी जादौन, राकेश माहौर, पूर्व पार्षद जगत सिंह कौरव, निगमायुक्त संघ प्रिय एवं अपर आयुक्त टी प्रतीक राव ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक, समाजसेवी, राष्ट्रभक्त, जनप्रतिनिधि एवं नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत कर उन्हें प्रदर्शनी का अवलोकन कराया गया। प्रदर्शनी में 1857 की क्रांति की अमर वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन, संघर्ष और शौर्य से जुड़ी दुर्लभ झांकियों, चित्रों, शस्त्रों तथा ऐतिहासिक दस्तावेजों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी में महारानी लक्ष्मीबाई द्वारा उपयोग किए जाने वाले विभिन्न अस्त्र-शस्त्रों एवं युद्ध सामग्री को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। इनमें जिरह बख्तर, चेस्ट प्लेट, पंजा, दस्ताने, गुर्ज, खांडा, कटार, गुप्ती, रिवाल्वर, पट्टे, ढाल, हेलमेट, उटनाली तथा तेंगे सहित अनेक ऐतिहासिक हथियार शामिल हैं। इन शस्त्रों के माध्यम से आगंतुकों को 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में वीरांगना के अदम्य साहस और युद्ध कौशल की झलक देखने को मिल रही है।
प्रदर्शनी में केवल महारानी लक्ष्मीबाई ही नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के अन्य महान क्रांतिकारियों की विरासत को भी स्थान दिया है। शहीद तात्या टोपे से संबंधित झंझाल बंदूक, तोड़ेदार बंदूक, कावरिन बंदूक, तलवार, तमंचा, कटार, भाले, छुरी और बछीपाल जैसे ऐतिहासिक हथियार भी प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अलावा शहीद सुखदेव, राजगुरु और अन्य क्रांतिकारियों से जुड़े दुर्लभ पत्र, क्रांति संबंधी दस्तावेज, तात्या टोपे के ऐतिहासिक बयान तथा अमर शहीद अमरचंद बाठिया के जीवनवृत्त को भी प्रदर्शनी का हिस्सा बनाया गया है।
प्रदर्शनी में ऐतिहासिक फोटोग्राफ, दुर्लभ पेंटिंग्स और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हैं। यह प्रदर्शनी नई पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और वीर सपूतों के बलिदान से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।
एलईडी के माध्यम से जीवंत हुआ वीरांगना का शौर्य
बलिदान मेला परिसर में स्थापित एलईडी स्क्रीन के माध्यम से महारानी लक्ष्मीबाई के अस्त्र-शस्त्र, उनके जीवन संघर्ष और 1857 की क्रांति से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों का प्रदर्शन किया गया। इसके जरिए मेले में आने वाले हजारों दर्शकों और पर्यटकों को ऐतिहासिक जानकारी प्रदान की जा रही है। आधुनिक तकनीक और ऐतिहासिक धरोहरों के इस समन्वय ने प्रदर्शनी को और अधिक आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक बना दिया है।
मुख्य समारोह में आज क्रांतिवीर वंशज सम्मान समारोह, उप मुख्यमंत्री देवड़ा होंगे शामिल “खूब लड़ी मर्दानी” महानाट्य मंचन एवं अभा कवि सम्मेलन होगा
बलिदान मेला का प्रमुख समारोह 18 जून को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के मुख्य आतिथ्य में लक्ष्मीबाई समाधि के सामने स्थित मैदान में शाम 7 बजे आयोजित होगा। इस अवसर पर आयोजन में “खूब लड़ी मर्दानी” महानाट्य का मंचन, “क्रांतिवीर वंशज सम्मान” समारोह आयोजित होगा। अंत में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन होगा।
देर शाम अभा कवि सम्मेलन में ख्यातिनाम कवि करेंगे काव्यपाठ
बलिदान मेला में आयोजित होने जा रहे अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में ओज की ख्यातिनाम कवियत्री कविता तिवारी, वीर रस के वरिष्ठ कवि जगदीश सोलंकी, हास्य कवि प्रताप फौजदार, प्रवीण शुक्ल व शंभू शिखर, श्रृंगार के कवि गजेन्द्र प्रियांशु, डॉ. कमलेश शर्मा, अभय सिंह निर्भीक व अखिलेश द्विवेदी काव्य पाठ करेंगे।
