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भावी पीढ़ी में देशभक्ति के संस्कार देना ही बलिदान मेला का उद्देश्य है : मेला संस्थापक पवैया, वीरांगना लक्ष्मीबाई बलिदान मेला का संतों के सानिध्य में भूमि-पूजन संपन्न

17 व 18 जून को होने वाला बलिदान मेले का इस बार 27वां आयोजन है, 17 जून की शाम झांसी से आयी शहीद ज्योति की स्थापना से दो दिनी आयोजन शुरु होगा

ग्वालियर। वीरांगना बलिदान मेला भावी पीढ़ियों को देशभक्ति के संस्कार देने का अनुष्ठान है। बलिदान मेला के भूमिपूजन अवसर पर संस्थापक अध्यक्ष एवं राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने कहा कि 27 वर्षों से चला आ रहा यह मेला ग्वालियर की सांस्कृतिक विरासत बन चुका है।

 सोमवार की सांध्यबेला में झांसी की रानी की समाधि के समक्ष 1858 के युद्ध प्रांगण पर आयोजित भूमिपूजन समारोह संतों के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक संगठनों के नेताओं व बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुये राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष व मेला संस्थापक जयभान सिंह पवैया ने कहा कि रानी की समाधि ऐसी बलिदान स्थली है, जहां हमारा माथा श्रद्धा से झुक जाता है और भारत के लिये जीने की प्रेरणा मिलती है।

 उन्होंने कहा कि 17 जून की शाम झांसी से आयी शहीद ज्योति की स्थापना से दो दिनी आयोजन शुरु होगा। इस बार महाराणा प्रताप जयंती के कारण 17 जून को मैदान पर प्रताप की प्रतिमा पर नाटिका भी होगी। 

 इस अवसर पर संतश्री संतोषानंद जी महाराज ने कहा कि बलिदान मेला शौर्य, ऊर्जा व राष्ट्रीय चेतना का संदेश देता है। पवैया के प्रयासों से इस बार 27वां आयोजन होने जा रहा है। 

 संतश्री मनीष अन्ना जी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी पूजा को सर्वश्रेष्ठ पूजा माना गया है। इसीलिए हम सभी स्त्री के प्रति श्रृद्धा का भाव रखें। यही वीरांगना लक्ष्मीबाई के प्रति सच्ची श्रृद्धांजलि होगी।

 भूमिपूजन अवसर पर आचार्य पं. वृजेश शास्त्री के आचार्यत्व में विधिवत भूमिपूजन व आरती की गयी।

 भूमिपूजन अवसर पर महामण्डलेश्वर स्वामी संतोषानंद जी, संतश्री कृपाल सिंह जी, संतश्री मनीष महाराज, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की मध्य क्षेत्र कार्यकारिणी के सदस्य यशवंत इंदापुरकर, साहित्य परिषद के संरक्षक श्रीधर पराड़कर, पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर, नगर निगम सभापति मनोज तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया, साडा अध्यक्ष  अशोक शर्मा, पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल, घनश्याम पिरोनिया व रामबरन सिंह गुर्जर, जीडीए के उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता तथा विजय दीक्षित, मुनेंद्र कुशवाह, पप्पू वर्मा, अभय चौधरी, कमल माखीजानी, लालजी जादौन, अशोक शर्मा, डॉ. हरिमोहन पुरोहित, राकेश खुरासिया, कंवर मंगलानी, विपुल गुप्ता, अनिरुद्ध चौहान (मुन्ना), भूरा शर्मा, ढपली चौहान, सतेंद्र भदौरिया, महेंद्र बैस, रामू जादौन, निशांत राय, धर्मेंद्र नायक, चंद्रप्रताप सिकरवार आदि उपस्थित रहे।रहे।