अपना शहर

"वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई" की समाधि स्थल पर गुरुवार को सुबह सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा, राष्ट्रीय एकता व अखडंता की शपथ दिलाई जाएगी

उप मुख्यमंत्री 18 जून को ग्वालियर आयेंगे , बलिदान मेले में होंगे शामिल, बलिदान दिवस 18 जून को स्थानीय अवकाश, कलेक्टर चार स्थानीय अवकाश घोषित किए थे, उनमें बलिदान दिवस का अवकाश शामिल है

ग्वालियर। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस 18 जून 2026 पर निगम की ओर से समाधि स्थल पर सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन सुबह 8ः00 बजे किया जाएगा।

वीरांगना के बलिदान दिवस पर नगर निगम ग्वालियर द्वारा सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों को राष्ट्रीय एकता व अखडंता की शपथ दिलाई जाएगी। शहर के सभी गणमान्य नागरिकों से आग्रह है कि अधिक से अधिक संख्या में वीरांगना की समाधि पर 18 जून 2026 की प्रातःकाल 8ः00 बजे उपस्थित होकर वीरांगना को अपने श्रद्धासुमन अर्पित करें तथा देश की एकता व अखंडता के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले बलिदानियों को याद करें।

ज्ञात हो कि वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर नगर निगम ग्वालियर द्वारा प्रतिवर्ष देश के युवाओं को वीरांगना की शहादत को याद रखने के लिए अनेक व्यवस्थाएं एवं आयोजन कराए जाते हैं। नगर निगम ग्वालियर द्वारा वीरांगना के समाधि स्थल की विशेष साफ सफाई के साथ ही 22 फुट उंची वीरांगना की प्रतिमा की रंगाई पुताई कराई गई है तथा समाधि स्थल को विद्युत एवं पुष्प के साथ सजाया गया है।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा 18 जून को ग्वालियर आयेंगे , बलिदान मेले में होंगे शामिल

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं वित्त वाणिज्यकर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जगदीश देवड़ा 18 जून को ग्वालियर प्रवास पर आयेंगे।  उप मुख्यमंत्री देवड़ा का इस दिन अपरान्ह 3.40 बजे ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर आगमन होगा। 

 निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उप मुख्यमंत्री  देवड़ा शाम 7 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई बलिदान मेला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। देवड़ा बलिदान मेला में भाग लेने के बाद रात्रिकाल लगभग 12.30 बजे रेलमार्ग द्वारा भोपाल के लिये प्रस्थान करेंगे। 

बलिदान दिवस 18 जून को स्थानीय अवकाश

वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस 18 जून को ग्वालियर जिले में स्थानीय अवकाश रहेगा। कलेक्टर रुचिका चौहान ने मौजूदा साल के लिये सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना में प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए चार स्थानीय अवकाश घोषित किए थे। उनमें बलिदान दिवस 18 जून का अवकाश शामिल है।