ग्वालियर। कलेक्टर रुचिका चौहान की अध्यक्षता में आज स्मार्ट सिटी कार्यालय में प्रगतिरत विभिन्न विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्मार्ट सिटी सीईओ टी प्रतीक राव सहित स्मार्ट सिटी व निगम के सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान स्मार्ट सिटी के प्रमुख प्रोजेक्ट्स सहित स्मार्ट सिटी की वित्तीय सहायता से नगर निगम द्वारा संचालित किए जा रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर रुचिका चौहान ने स्मार्ट सिटी के वित्तीय सहयोग से क्रियान्वित की जा रही रोड फर्नीचर परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि शहर के सभी डार्क स्पॉट्स, पुलों और फ्लाईओवरों के एंट्री व एग्जिट पॉइंट्स पर अनिवार्य रूप से 'कैट आई' लगाई जाएं। साथ ही कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों और शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों पर भी ज्यादा से ज्यादा रोड फर्नीचर स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन की आवाजाही सुरक्षित हो सके और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इन कार्यों के लिए उपयुक्त एवं संवेदनशील स्थानों का चयन करने के उद्देश्य से उन्होंने आईटीएमएस और ट्रैफिक पुलिस के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।
महिला सुरक्षा एवं स्वावलंबन से जुड़ी निर्भया कैफे परियोजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निगम स्वामित्व की चयनित जगहों पर निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू करने के निर्देश दिए। वहीं जिन स्थानों पर अन्य विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिया जाना शेष है, वहां संबंधित विभागों से त्वरित समन्वय कर प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया। इसके अतिरिक्त बिजली बिलों में राहत पाने और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेस्को (RESCO) मॉडल के तहत सोलर प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
मल्टी-लेवल कार पार्किंग की समीक्षा में स्मार्ट सिटी सीईओ टी प्रतीक राव ने परिसर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए किए गए तकनीकी उपायों की जानकारी दी, जिसकी सराहना करते हुए कलेक्टर ने इस कार्य को तीव्र गति और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और सचिन तेंदुलकर मार्ग जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए अनिवार्य रूप से पूरा कराया जाए।
