ग्वालियर। “सेवा-संकल्प अभियान” के तहत जिले के शासकीय एवं निजी विद्यालयों में “मेरे सपनों का भारत” विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं जारी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को शासकीय सांदीपनि कन्या विद्यालय ग्वालियर में “मेरे सपनों का भारत-सेवा चित्र प्रदर्शनी” लगाई गई। प्रदर्शनी में छात्राओं ने विकसित भारत की संकल्पना को रंगों और कल्पनाओं के माध्यम से आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया। चित्रों के अवलोकन के लिए छात्राओं के पालकों को भी आमंत्रित किया। इस अवसर पर पालक-शिक्षक संघ की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में पालकों को “सेवा-संकल्प अभियान” के उद्देश्य और गतिविधियों की जानकारी दी गई। विद्यालय में आयोजित चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं के विजेता छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
भाषण प्रतियोगिता में काव्या सिंह ने प्रथम, छवि जैन ने द्वितीय तथा निशा राठौर एवं गुडड़ी पाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी तरह चित्रकला प्रतियोगिता में आयुषी सेन ने प्रथम, कृतिका माहौर ने द्वितीय तथा दिशा राजोरिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। दोनों प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। विद्यालय की प्राचार्य मनोरमा नायक ने कहा कि “सेवा-संकल्प अभियान” सेवा, सुशासन एवं समृद्ध भारत की नई संकल्पना है, जो नए सपनों और नए भारत के निर्माण की दिशा में प्रेरित करता है।
निजी विद्यालयों में भी बच्चों ने चित्रों और भाषणों से दिखाई भारत की तस्वीर
“सेवा-संकल्प अभियान” के तहत न्यूटेरिक वर्ल्ड स्कूल, द ऑर्चिड हायर सेकेण्ड्री स्कूल, ग्वालियर ग्लोरी स्कूल, सेंट्रल एकेडमी हायर सेकेण्ड्री स्कूल, माउण्ट लिटेरा स्कूल, प्रगति विद्या पीठ, मॉडल केरला एवं मॉर्निंग स्टार स्कूल सहित अन्य प्राइवेट स्कूलों में भी “मेरे सपनों का भारत” विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। छात्र-छात्राओं ने विकसित भारत की अपनी कल्पनाओं को चित्रों और विचारों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
जिले के अन्य शासकीय विद्यालयों में भी हुईं चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं
अभियान के तहत सांदीपनि स्कूल कुलैथ, शासकीय उमावि करियावटी डबरा, शासकीय उमावि महाराजपुरा, शासकीय उमावि अवाड़पुरा, शासकीय उमावि केरूआ भितरवार, शासकीय उमावि पिछोर सहित जिले के अन्य शासकीय विद्यालयों में भी “मेरे सपनों का भारत” विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन आयोजनों में छात्र- छात्राओं ने उत्साह के साथ सहभागिता कर विकसित और समृद्ध भारत के अपने सपनों को रचनात्मक अभिव्यक्ति दी।दी।
