क्राइम

“दंडात्मक आदेश जारी"; विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने पर उप पंजीयक वर्मा दीर्घ शास्ति से दंडित, वेतनमान दो प्रक्रम नीचे किया गया, वर्ष 2024 में कलेक्टर ने शिकायतें मिलने पर वर्मा की विभागीय जाँच करने के निर्देश दिए थे

उप पंजीयक केएन वर्मा के खिलाफ़ डबरा क्षेत्र के दस्तावेजों का पंजीयन करने तथा दस्तावेज पंजीयन के एवज में रिश्वत की मांग करने और पक्षकारों को प्रताड़ित करने संबंधी आरोप प्रमाणित पाए गए हैं

ग्वालियर। उप पंजीयक केएन वर्मा के विरुद्ध विभागीय जांच में लगाए गए सभी आरोप सिद्ध पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है। राज्य शासन के महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 10 (पाँच) के तहत वर्मा का वेतनमान एक वर्ष की अवधि के लिए दो प्रक्रम (स्टेज) नीचे करने की शास्ति अधिरोपित की है। विभागीय जांच में अपठनीय एवं त्रुटिपूर्ण खसरा-ऋणपुस्तिका के आधार पर नियम विरुद्ध पंजीयन करने, क्षेत्राधिकार का उल्लंघन कर अन्य वृत्त एवं डबरा क्षेत्र के दस्तावेजों का पंजीयन करने तथा दस्तावेज पंजीयन के एवज में रिश्वत की मांग करने और पक्षकारों को प्रताड़ित करने संबंधी आरोप प्रमाणित पाए गए।

इसके साथ ही शिकायतकर्ता पर दबाव डालकर आवेदन लिखवाने तथा विभाग को गुमराह करने के प्रयास का आरोप भी सिद्ध हुआ। वर्ष 2024 में कलेक्टर रुचिका चौहान ने शिकायतें मिलने पर उप पंजीयक वर्मा की विभागीय जाँच करने के निर्देश दिए थे। उप महानिरीक्षक पंजीयन, ग्वालियर द्वारा की गई विभागीय जांच के प्रतिवेदन और संबंधित अधिकारी के अभ्यावेदन के परीक्षण के बाद विभाग द्वारा यह दंडात्मक आदेश जारी किया गया है। आदेश की प्रविष्टि संबंधित अधिकारी की सेवा पुस्तिका में दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।