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"प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा"; ग्वालियर के विकास और गौरव की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम: एलिवेटेड रोड नहीं, एलिवेटेड हाईवे है : केन्द्रीय मंत्री सिंधिया

एलिवेटेड रोड फेज-2 का निरीक्षण में सिंधिया ने कहा- ग्वालियर के विकास और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रख इस महत्वपूर्ण परियोजना को गुणवत्तापूर्ण और समय-बद्ध तरीके से पूरा करना उनकी प्राथमिकता है

ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को ग्वालियर में निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड फेज-2 का निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। अप्रैल में एलिवेटेड रोड फेज-1 की समीक्षा के बाद अब फेज-2 का निरीक्षण करते हुए सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर के विकास और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस महत्वपूर्ण परियोजना को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा करना उनकी प्राथमिकता है। 

 इस दौरान प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर, नगर निगम सभापति मनोज तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया, नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी, सीईओ स्मार्ट सिटी प्रतीक राव सहित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

  सिंधिया ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा (फूलबाग) से एबी रोड (NH-46) पर गिरवाई पुलिस चौकी तक स्वर्ण रेखा नदी पर 4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर फ्लाइओवर का निर्माण किया जा रहा है। लगभग 7.5 किमी के एलिवेटेड रोड और 6 एंट्री- एग्जिट लूप को मिलाकर यह लगभग 13 Km की समग्र योजना है।

  सिंधिया ने कहा कि ₹926 करोड़ (फेज- 2) की इस योजना के माध्यम से ग्वालियर को एक ऐसी आधुनिक सड़क अवसंरचना मिल रही है, जो शहर की भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि यह केवल एलिवेटेड रोड नहीं, बल्कि एक एलिवेटेड हाईवे है। उन्होंने इसकी चौड़ाई और व्यापक स्वरूप की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के किसी शहर में इस प्रकार की लगभग 13 किमी लंबी परियोजना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

  सिंधिया ने बताया कि ग्वालियर की जनता के आग्रह पर इस परियोजना के लिए डीपीआर तैयार 2020 में कराई गई और उनके आग्रह पर योजना को स्वीकृति मिली। उन्होंने इस प्रोजेक्ट  को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री  नितिन गडकरी जा सकता था, वह अब साकार होने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का निर्धारित पूर्णता लक्ष्य नवंबर 2027 है। उन्होंने यह भी बताया कि मानसून के कारण लगभग 4-6 महीने निर्माण कार्य प्रभावित होता है, लेकिन इसके बावजूद परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। सिंधिया ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को स्पष्ट रूप से कहा कि कार्य ऐसा होना चाहिए जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी रहे। उन्होंने कहा कि यह केवल आज की जरूरत पूरी करने वाली सड़क नहीं, बल्कि अगले 200 वर्षों तक ग्वालियर के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में बनी रहे इसलिए निर्माण की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। के प्रति आभार व्यक्त किया।

  सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर के विकास और गौरव के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े प्रोजेक्ट ग्वालियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और शहर के सपनों को नई उड़ान देने का कार्य कर रहे हैं। 

ग्वालियर को मिली है बड़ी सौगात