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'दस्तकारी हाट में बुनकर मेला शुरू'; भैरवगढ़ की बाटिक कला, मंदसौर की बैडशीट व चंदेरी की साड़ियां आकर्षण का केन्द्र हैं, मेले में प्रदेशभर के बुनकर एक से एक शिल्प लेकर आए हैं

उदघाटन अवसर पर वरिष्ठ बुनकर लखन लाल और ओमप्रकाश गुप्ता को सम्मानित किया, मप्र हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम ने ग्वालियर मेले में स्थित दस्तकारी हाट में बुनकर मेला लगाया है

ग्वालियर। संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम द्वारा ग्वालियर मेले में सूर्य नमस्कार तिराहा के समीप स्थित दस्तकारी हाट में देवी अहिल्या बाई बुनकर मेला लगाया गया है। मेले में प्रदेश भर के बुनकर एक से बढ़कर एक शिल्प उत्पाद लेकर आए हैं। बुनकर मेले में आने वाले सैलानियों को विभिन्न क्षेत्रों की पारंपरिक कला और हस्तनिर्मित उत्पाद एक ही स्थान पर देखने और खरीदने का अवसर मिल रहा है।

 मेले में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बुनकर और शिल्पकारों के उत्पाद आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। इनमें भैरवगढ़ की प्रसिद्ध बाटिक कला, मंदसौर की बेडशीट, चंदेरी की साड़ियां सहित विभिन्न हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद प्रमुख हैं। इनके अलावा अन्य जिलों के शिल्पकार भी अपने पारंपरिक उत्पाद लेकर पहुंचे हैं।

 देवी अहिल्याबाई बुनकर मेले का शुभारंभ रविवार की शाम विकास आयुक्त, हस्तशिल्प, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के अधिकारी अर्चित सहारे और सहायक संचालक हथकरघा माचल सिंह लोधी की मौजूदगी में हुआ। इस अवसर पर निगम प्रभारी केके गौतम भी उपस्थित थे। 

 उदघाटन अवसर पर वरिष्ठ बुनकर लखन लाल आर्य और ओमप्रकाश गुप्ता को सम्मानित किया गया। साथ ही निगम एवं संबंधित विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बुनकरों और शिल्पियों को योजनाओं का लाभ लेने तथा पारंपरिक हस्तशिल्प एवं हथकरघा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।किया।