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"डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की नेशनल लोक अदालत"; कुल 73 खंडपीठों में 11,175 प्रकरणों का निराकरण: आपसी सहमति से ₹35.94 करोड़ से अधिक राशि के अवार्ड पारित,जिला कोर्ट में 57 सहित जिले में कुल 73 खंडपीठों का गठन किया

ग्वालियर नगर निगम संपत्तिकर एवं जलकर वसूली में प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा, नेशनल लोक अदालत में 8790 प्रकरणों का निराकरण कर जमा हुआ ₹10.34 करोड़ से अधिक का संपत्तिकर एवं जलकर

"लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में प्रकरणों का त्वरित एवं आपसी सहमति से निराकरण होने से पक्षकारों को समय एवं धन की बचत के साथ न्यायिक प्रक्रिया से शीघ्र राहत प्राप्त हुई,संपत्तिकर एवं जलकर वसूली में प्रदेश में तीसरे स्थान पर ग्वालियर

ग्वालियर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार शनिवार 12 सितंबर को जिला न्यायालय, ग्वालियर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललित किशोर द्वारा सरस्वती पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। नेशनल लोक अदालत में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन सहित कुल 11,175 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा कुल 3,59,47,58,02 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) नेहा शर्मा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पुष्पेंद्र सिंह, ग्वालियर तथा जिला न्यायालय के समस्त न्यायाधीश, बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों के अधिकारी, पैनल अधिवक्ता, पैरालीगल वॉलंटियर्स तथा पक्षकारगण उपस्थित रहे।

नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए जिला न्यायालय, ग्वालियर में 57, कुटुंब न्यायालय में 04, श्रम न्यायालय में 02, उपभोक्ता फोरम में 01, सिविल न्यायालय डबरा में 06 तथा सिविल न्यायालय भितरवार में 03, इस प्रकार कुल 73 खंडपीठों का गठन किया गया। लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के अंतर्गत आपराधिक 264, एनआई एक्ट 289, क्लेम प्रकरण 157, पारिवारिक प्रकरण 86, श्रम विवाद 10, अन्य सिविल प्रकरण 50, विद्युत बिल 116, आईपीसीआर/कंजर प्रकरण 44 एवं अन्य प्रकरण 494, इस प्रकार कुल 1,221 लंबित प्रकरणों का दोनों पक्षों की आपसी सहमति के आधार पर निराकरण किया गया। इन प्रकरणों में कुल 2,70,00,092 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। इसके अतिरिक्त प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में बैंक के 26, विद्युत बिल के 2,442, नगर पालिका के वाटर बिल के 7,118 तथा अन्य 68 प्रकरणों, इस प्रकार कुल 9,954 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन प्रकरणों में कुल 8,94,66,710 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में प्रकरणों का त्वरित एवं आपसी सहमति से निराकरण होने से पक्षकारों को समय एवं धन की बचत के साथ न्यायिक प्रक्रिया से शीघ्र राहत प्राप्त हुई।

संपत्तिकर एवं जलकर वसूली में प्रदेश में तीसरे स्थान पर ग्वालियर, नेशनल लोक अदालत में 8790 प्रकरणों का निराकरण, ₹10.34 करोड़ से अधिक का संपत्ति एवं जल-कर जमा हुआ

इधर प्रदेशभर में आयोजित नेशनल लोक अदालत में शनिवार को नगर निगम ग्वालियर द्वारा संपत्तिकर एवं जलकर में  10 करोड़ 34 लाख रुपए से अधिक की वसूली की है। जिसमें कुल  8790 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। संपत्तिकर एवं जलकर वसूली में ग्वालियर नगर निगम प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा है।

अपर आयुक्त मुनीश सिंह सिकरवार ने बताया कि नगर निगम आयुक्त  अभिषेक चौधरी के निर्देशन में समस्त वसूली प्रभारी द्वारा कार्य करते हुए नगर निगम ग्वालियर ने एक ही दिवस में  हाईकोर्ट के आदेशानुसार आयोजित नेशनल लोक अदालत में नगर पालिक निगम ग्वालियर के द्वारा ग्वालियर के 1 से लेकर 66 वार्डों में सम्पत्तिकर के 3700 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन प्रकरणों का निराकरण करने पर 8 करोड़ 88 लाख रुपए से अधिक का सम्पत्तिकर प्राप्त हुआ है।

इसी प्रकार नगर पालिक निगम ग्वालियर के द्वारा जल प्रदाय के सभी कार्यालयों में लोक अदालत के लिए विशेष काउंटर जलकर वसूली के लिए लगाए गये थे। इस तरह से जलकर के रूप में 5090 प्रकरणों का निराकरण करते हुये 1 करोड़ 46 लाख  रूपये राशि से अधिक जलकर प्राप्त किया गया है ।।