ग्वालियर जिले में गुरुवार 9 सितंबर से 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गेश जाटव के मुख्य आतिथ्य में हुआ। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर कार्य करने वाला समस्त विभागीय अमला महिलाओं और बच्चों के पोषण को गंभीरता से लेते हुए कार्य करे। गर्भवती माताओं और किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी रखकर जिले से कुपोषण को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी उपासना राय ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान पौष्टिक व्यंजनों का प्रचार-प्रसार,आहार में विविधता लाने के लिए जनजागरूकता, टेक होम राशन (टीएचआर) एवं गरम पका भोजन (एचसीएम) की प्रदर्शनी एवं भोज का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं को लाभ दिलाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नगर निगम की वरिष्ठ पार्षद गायत्री मंडेलिया ने पोषण आहार के संबंध में प्रचलित भ्रांतियों को दूर करने के लिए जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करने पर जोर दिया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार का मातृ सहयोगिनी समिति की निगरानी में वितरण सुनिश्चित करने की बात कही।
संयुक्त संचालक सीमा शर्मा ने कहा कि पोषण आहार का वितरण करने वाले सभी स्वयं सहायता समूहों का पंजीयन अनिवार्य रूप से कराया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों पर भोजन स्वच्छ एवं साफ वातावरण में तथा निर्धारित समय पर उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पंचवटी से पोषण की अवधारणा पर कार्य करने पर भी बल दिया।
कृषि विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक रीता मिश्रा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पौष्टिक फलों एवं सब्जियों को सुखाकर सुरक्षित रखने तथा आवश्यकता के अनुसार उपयोग करने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने भोजन में विविधता को पोषण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.आरके गुप्ता ने आगामी राष्ट्रीय कृमिनाशक दिवस एवं 'एनीमिया मुक्त भारत अभियान की कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पौष्टिक आहार के साथ बच्चों को पेट के कीड़ों से होने वाली बीमारी से बचाना भी जरूरी है। किशोरी बालिकाओं में एनीमिया की रोकथाम के लिए भी विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन परियोजना अधिकारी शहरी-1 मनोज गुप्ता ने किया। आभार प्रदर्शन सहायक संचालक राहुल पाठक ने किया। कार्यशाला में सभी परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
