ग्वालियर। विश्व पर्यावरण दिवस पर ऐतिहासिक नगरी ग्वालियर में सरकार की मंशा के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। कलेक्टर रुचिका चौहान के नेतृत्व में जिला प्रशासन, नगर निगम, सामाजिक संस्थाओं, पर्यावरण प्रेमियों और आम नागरिकों ने मिलकर ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन, ऊर्जा बचत और हरित विकास का प्रभावी संदेश जन-जन तक पहुँचाया।
रमौआ जलाशय पर श्रमदान से दिया जल संरक्षण का संदेश
दिन की शुरुआत रमौआ पर व्यापक स्वच्छता अभियान से हुई। सुबह 6 बजे से शुरू हुए इस अभियान में सैकड़ों नागरिकों ने श्रमदान कर जलाशय के घाटों और आसपास फैले कचरे को हटाया। लोगों ने दस्ताने पहनकर पूजन सामग्री, पॉलीथिन, कपड़े और अन्य अपशिष्ट एकत्रित किए। अभियान के दौरान 6 से 7 डंपर कचरा हटाया गया। इस जन-अभियान से प्रभावित होकर स्थानीय ग्रामीण भी सफाई कार्य में शामिल हुए और भविष्य में जलाशय को स्वच्छ बनाए रखने तथा उसमें कचरा फेंकने वालों को रोकने का संकल्प लिया।
आनंद पर्वत पर पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाने का लिया संकल्प
इसके बाद आनंद पर्वत पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ। शहर की बंजर पहाड़ियों को हरियाली से आच्छादित करने के संकल्प के साथ यहाँ प्रतीक स्वरूप 101 पौधे रोपे गए। कलेक्टर रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव सहित अन्य अधिकारियों एवं नागरिकों ने पौधरोपण कर वर्षाकाल में होने वाले व्यापक वृक्षारोपण अभियान की सामूहिक तैयारी का संदेश दिया। साथ ही सभी को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई।
ई-बाइक एवं सीएनजी वाहन रैली से स्वच्छ ऊर्जा का संदेश
पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के लिए आलापुर नीलकंठ तिराहे से बाल भवन तक ई-बाइक, ई-स्कूटी तथा सीएनजी वाहनों की रैली निकाली गई। कलेक्टर रुचिका चौहान और नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। लगभग 300 से अधिक नागरिकों की सहभागिता वाली यह रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए बाल भवन पहुँची। रैली के माध्यम से पेट्रोलियम पदार्थों की बचत, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग और प्रदूषण नियंत्रण का संदेश दिया गया।
अधिकारियों ने प्रस्तुत किए पर्यावरण हितैषी व्यवहार के उदाहरण
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय एवं अन्य अधिकारियों ने स्वयं ई-कार और ई-बाइक चलाकर पर्यावरण हितैषी परिवहन को बढ़ावा देने का संदेश दिया। वहीं कलेक्टर रुचिका चौहान ने कार शेयरिंग कर ईंधन बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग का व्यवहारिक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अन्य अधिकारियों के साथ एक ही वाहन से यात्रा कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में छोटी-छोटी पहल के महत्व को रेखांकित किया।
रक्तदान और पौध वितरण से जुड़ा सेवा एवं संवेदनशीलता का संदेश
बाल भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मानव सेवा का परिचय दिया। साथ ही नगर निगम द्वारा नागरिकों को पौधों का वितरण कर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
ग्रामीणों ने भी निभाई सक्रिय भागीदारी
रमौआ जलाशय पर आयोजित श्रमदान में समाजसेवियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग दिया। ग्रामीणों ने जलाशय की स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में निरंतर सहयोग का भरोसा दिलाया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों का विषय नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक व्यापक सामाजिक दायित्व है। ग्वालियर में आयोजित इन प्रेरक गतिविधियों ने जल संरक्षण, स्वच्छता, हरित विकास, ऊर्जा बचत और सामाजिक सेवा के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाया।
