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"नाला एवं सीवर सफाई की समीक्षा"; गंभीरता से करें नाला एवं सीवर सफाई का कार्य , कोई लापरवाही न बरतें, जिम्मेदार अधिकारी डेली सफाई कार्य का रिव्यू कर रिपोर्ट दें : निगमायुक्त

सीवर सफाई में लापरवाही पर दो कंपनियों को अंतिम चेतावनी, लगेगा 77.90 लाख का जुर्माना, 31 मई तक जानकारी प्राप्त न होने पर यह राशि कंपनी के देयक में से काटा जाएगा

ग्वालियर। नाला सफाई एवं सीवर लाइन सफाई के कार्य में कोई लापरवाही न बरतें, संबंधित अपर आयुक्त एवं अधीक्षण यंत्री प्रतिदिन सफाई कार्य का रिव्यू करें एवं प्रतिदिन की रिपोर्ट दें। नाला सफाई के लिए जो भी संसाधन, लेबर की आवश्यकता है। उन्हें ले लें और उन्हें छोटे-छोटे कार्य के लिए अग्रिम ले लें। जिससे कार्य कराने में समस्या न हो। यह निर्देश निगमायुक्त संघ प्रिय ने नाला सफाई एवं सीवर लाइन की सफाई कार्य की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को दिए। 

बाल भवन के एक्यूआई सेंटर में आयोजित समीक्षा बैठक में अपर आयुक्त टी प्रतीक राव, प्रदीप तोमर, मुनीष सिकरवार, अधीक्षण यंत्री एसएल बाथम, सभी कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, स्वास्थ्य अधिकारी एवं सहायक स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे। 

बैठक में निगमायुक्त संघ प्रिय ने विधानसभा वार नाला सफाई की जानकारी ली तथा प्रत्येक नाले पर की गई सफाई को लेकर चर्चा की गई तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाला सफाई का कार्य गंभीरता से करें तथा जो भी संसाधन की आवश्यकता है, आपस में समन्वय कर संसाधनों का उपयोग करें और समय से नाला सफाई कार्य करायें। 

इसके बाद निगमायुक्त ने सीवर लाइन की सफाई की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से जानकारी ली कि अमृत की सीवर लाइनों की सफाई की क्या स्थिति है। बारिश के पूर्व हर हाल में सभी लाइनें साफ हो जाएं और सीवर लाइनों की सफाई की प्रगति की जानकारी बनाकर दें। 

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सीवर संधारण के ठेकेदार भी गंभीरता से कार्य करें, यह संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करें। सीवर सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही जल भराव वाले 94 ऐसे पॉइंट जो अत्यधिक समस्याग्रस्त हैं, उनके निराकरण को लेकर की जा रही कार्यवाही की प्रगति जानते हुए आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए। इसके साथ ही पेयजल को लेकर सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी जगह पर्याप्त पेयजल पहुंचे इसके लिए अधिकारी निरंतर मॉनिटरिंग करें। 

सीवर सफाई में लापरवाही पर दो कंपनियों को अंतिम चेतावनी, लगेगा 77.90 लाख का जुर्माना

 उधर अमृत योजना में सीवर सफाई कार्य में पर्याप्त श्रमिक एवं कर्मचारी न रखने पर निगमायुक्त संघ प्रिय द्वारा मैसर्स जंयती सुपर कंस्ट्रक्शन प्रा.लि एवं मैसर्स एनविराड प्रो. प्रा.लि को पृथक-पृथक 77 लाख 90 हजार 400 रूपये की पेनल्टी लगाने के लिए अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया है कि यदि 31 मई 2026 तक कंपनियों द्वारा अनुबंध अनुसार कर्मचारियों की पूर्ति नहीं की गई तो यह राशि कंपनियों के देयक से काटी जाएगी। 

 नगर निगम आयुक्त द्वारा जारी अंतिम चेतावनी पत्र में बताया गया कि मैसर्स जंयती सुपर कंस्ट्रक्शन प्रा.लि एवं मैसर्स एनविराड प्रो. प्रा.लि को अनुबंध अनुसार प्रोजेक्ट मैनेजर, मैकेनिकल इंजीनियर, कैमिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, कुशल श्रमिक, अकुशल श्रमिक एवं सफाई श्रमिक नियुक्त करने थे। जिसकी जानकारी नगर निगम ग्वालियर द्वारा कंपनियों से कई बार मांगी गई, लेकिन कंपनियों द्वारा यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। जबकि सीवर का कार्य अति महत्वपूर्ण सेवा में आता है लेकिन दोनों कंपनियों द्वारा अनुबंध के अनुसार अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया गया। ऐसी स्थिति मेें अनुबंध अनुसार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के 12 माह के वेतन की गणना कर दोनों कंपनियों पर पृथक-पृथक 77 लाख 90 हजार 400 रूपये के कटोत्रे की कार्यवाही की जाने के लिए अंतिम समय सीमा 31 मई 2026 प्रदान की है। 31 मई 2026 तक जानकारी प्राप्त न होने पर उक्त राशि कंपनी के देयक में से काटी जाएगी।