ग्वालियर। बैजाताल स्थित रंगमंच पर मां गंगा की वंदना एवं गणेश वंदना पर बालिकाओं द्वारा दी गई नृत्य की शानदार प्रस्तुति ने समा बांध दिया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने शहरवासियों को जल संरक्षण का महत्व समझाया, और सभी से अपील की है कि वह अपने घरों में वाटर हार्वेस्टिंग कराए । इस अवसर पर मुख्य रूप से संतश्री ऋषभ देवानंद महाराज, ब्रह्माकुमारी आश्रम से बहन आदर्श दीदी एवं बीके प्रहलाद उपस्थित रहे।
गंगा दशहरा के अवसर पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सोमवार शाम की मधुर बेला में नगर निगम द्वारा बैजाताल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया । इस आयोजन में शिखा डांस अकैडमी की बालिकाओं ने गणेश वंदना एवं घर मोरे परदेसिया गीत पर नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। गणेश वंदना पर सुश्री शोभिता अग्रवाल एवं सुश्री परिणीति शर्मा ने सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति दी। जबकि घर मोरे परदेसिया गीत पर सुश्री प्रियल सच्चिदानंद, सुश्री शोभिता अग्रवाल , लाविया चौहान ने प्रस्तुति दी। वही गणेश वंदना पर स्वच्छ भारत अभियान एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की ब्रांड एंबेसडर सुश्री मंत्रिता शर्मा ने प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गंगा दशहरा का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के तहत सुबह मेहराब साहब की तलैया पर श्रमदान कर पांच ट्रॉली गाद और काई निकली गई। उन्होंने कहा एक माह बाद बारिश शुरू हो जाएगी, इससे पहले हम सभी मिलकर जल संरक्षित करने वाले कुएँ, बावड़ियाँ, तालाब आदि को संरक्षित करें। उन्होंने कहा शहरवासी जल संरक्षण के लिए अपने घर में एक-एक वाटर हार्वेस्टिंग जरूर कराए, क्योंकि पानी अनमोल है इसके बिना सब कुछ बेकार है। उन्होंने लोगों को सचेत करते हुए बताया कि इंदौर में अचानक 1000 बोरिंगों का जलस्तर नीचे चला गया। जिससे वहां पर जल संकट खड़ा हो गया है। हमारा ग्वालियर ऐसी स्थिति में कभी भी नहीं आए इसके लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदर्श दीदी ने कहा कि जल ही जीवन है हम आज जितना जल बचाएंगे, हमारा कल उतना ही अच्छा होगा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संतश्री ऋषभ देवानंद महाराज में कहा कि गंगा के दर्शन मात्र से ही मनुष्य को मुक्ति मिल जाती है । गौमाता के मूत्र में जल का बास बताया गया है । हम सभी गंगा मां को स्पर्श कर उनकी पूजा करते हैं । हमारा दायित्व है कि हम जल का संरक्षण भी करें । उन्होंने कहा कि गंगा दशहरा दिवस मात्रा नहीं बल्कि जीवन की प्रक्रिया है। हम जितना जल बचाएंगे उतना ही मातृ ऋण उतार पाएंगे। आज जिस तेजी से गर्मी बढ़ रही है उससे जल जल जाएगा और उसके साथ हम भी जल जाएंगे इसलिए जल का महत्व समझे और उसका संरक्षण करें।
कार्यक्रम का संचालन आईईसी समन्वयक विजेता सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम के दौरान अपर आयुक्त मुनीश सिंह सिकरवार, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर प्रमोद धमेले, नोडल अधिकारी शिशिर श्रीवास्तव सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।रहे।
