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श्रमिकों का श्रम सेवा पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य; कलेक्टर ने निर्माण कार्यों से संबंधित 15 शा.विभागों को जारी किए निर्देश, नियमों का उल्लंघन करने वाली निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों पर होगी सख्त कार्रवाई

ग्वालियर जिले के पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के लिए सुनहरा मौका, श्रमोदय मॉडल आईटीआई भोपाल में प्रवेश शुरू, मिलेगा नि:शुल्क आवासीय प्रशिक्षण, 10वीं और 8वीं पास युवाओं के लिए तकनीकी और रोजगारपरक कोर्सेज में दाखिले का अवसर

निर्माण कार्य शुरू होने के 30 दिन पहले देनी होगी सूचना, उधर श्रमोदय मॉडल आईटीआई भोपाल में प्रवेश के लिए ग्वालियर के श्रमिक परिवारों से लाभ उठाने की अपील


ग्वालियर जिले में संचालित होने वाले सभी प्रकार के निर्माण कार्यों और उनमें लगे श्रमिकों का 'श्रम सेवा पोर्टल' पर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना होगा। नियमों की अनदेखी करने वाली निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त वैधानिक एवं आपराधिक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस संबंध में जिला पंचायत, नगर निगम, वन, लोक निर्माण व जल संसाधन विभाग के अधिकारियों, विद्युत वितरण कंपनी, सड़क विकास प्राधिकरण, गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल, जिले के सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारी व जनपद पंचायतों के सीईओ एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित सभी प्रमुख शासकीय विभागों और कार्यालय प्रमुखों को पत्र जारी कर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के श्रम विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत 'भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996' के प्रावधानों का पालन करना सभी विभागों और एजेंसियों के लिए अनिवार्य है।
30 दिन पूर्व सूचना देना कानूनी बाध्यता
कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से कम से कम 30 दिन पहले संबंधित नियोजक (Employer) या एजेंसी द्वारा श्रम विभाग को इसकी सूचना देना और पंजीयन कराना अनिवार्य है। इसके साथ ही, जिन निर्माण कार्यों में न्यूनतम 10 या उससे अधिक श्रमिक कार्य कर रहे हैं, उन ठेकेदारों और एजेंसियों के लिए श्रम विभाग से लाइसेंस/पंजीयन प्राप्त करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
दुर्घटना होने पर ठेकेदार और निर्माण एजेंसी की होगी पूरी जवाबदेही
कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी अपंजीकृत अथवा बिना पूर्व सूचना के संचालित निर्माण स्थल पर कोई अप्रिय घटना या दुर्घटना होती है, तो उसकी समस्त जवाबदेही संबंधित निर्माण नियोजक, एजेंसी या ठेकेदार की होगी। ऐसे मामलों में नियमों के तहत संबंधित के विरुद्ध सीधे आपराधिक एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सहायक श्रमायुक्त कार्यालय को भेजनी होगी जानकारी
सभी शासकीय विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने कार्यक्षेत्र या अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा कराए जा रहे समस्त निर्माण कार्यों की जानकारी निर्धारित प्रोफ़ार्मा में भरकर सहायक श्रमायुक्त (ग्वालियर संभाग) को तत्काल उपलब्ध कराएं। यह जानकारी आधिकारिक ईमेल आईडी alcgwalior