ग्वालियर/ भितरवार। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा क्षेत्र में बिजली चोरी रोकने और राजस्व वसूली को मजबूत करने के उद्देश्य से आज शुक्रवार को एक बड़ा और सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस औचक कार्रवाई को अंजाम देने के लिए विभाग ने विशेष रणनीति के तहत बड़ी घेराबंदी की, जिससे बिजली चोरों में हड़कंप मच गया।
“विजिलेंस और ग्वालियर वृत्त की संयुक्त कार्रवाई”
इस महा-अभियान को पूरी पारदर्शिता और कड़ाई से लागू करने के लिए *विजिलेंस (सतर्कता दल) एवं ग्वालियर वृत्त के अन्य वितरण केंद्रों व जोनों के 16 वरिष्ठ अधिकारियों की कुल 8 विशेष टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों ने भितरवार क्षेत्र में एक साथ अलग-अलग मोर्चों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।
*101 परिसरों की हुई जांच, 75 में मिली गड़बड़ी*
बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, इन 8 टीमों ने क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में कुल 101 संदेहात्मक परिसरों का मौके पर सघन निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं, जिसमें से 75 परिसरों में सीधे तौर पर अवैध रूप से विद्युत चोरी पकड़ी गई है।
बिजली कंपनी की संयुक्त टीमों ने सख्त रुख अपनाते हुए बिजली चोरी करने वाले सभी दोषियों के खिलाफ तत्काल ही बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
.टीमों ने मौके पर ही लगभग 30 लाख रुपये की अंतर राशि का असेसमेंट (बिलिंग) तैयार की गई।
.भविष्य में दोबारा अवैध उपयोग रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से इन सभी 75 दोषी परिसरों के बिजली कनेक्शन को मुख्य पोल (खंभे) से डिस्कनेक्ट कर दिया गया है।
“विद्युत चोरी एक गंभीर और दंडनीय अपराध है”
मध्य प्रदेश क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, डबरा के कार्यपालन अभियंता / जनसंपर्क अधिकारी ने कहा है कि 'विद्युत चोरी एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। बाहरी वृत्त और विजिलेंस टीमों की मदद से चलाया गया यह संयुक्त अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। सभी उपभोक्ताओं से अपील है कि वे वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें और कानूनी कार्रवाई से बचें।"
