ग्वालियर। विप्रा महिला मंच की संस्थापिका डॉ प्रतिभा चतुर्वेदी ने हिंदू पंचांग के अनुसार 3 साल में एक बार पड़ने वाले अधिक मास के महत्व के बारे में बताया, उन्होंने कहा कि जिसे हम सभी लोग कई नामों से जानते है, जैसे कि इस माह को 'पुरूषोतम मास' , लौंद मास, मलमास आदि नामों से भी जाना जाता हैं। इस अधिक मास महीने में जहां शुभ कार्य निषेध माने जाते हैं, वही 'श्रीहरि विष्णुजी' की पूजा आराधना के विधान के साथ ही दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है।
गुड़ागुड़ी का नाका स्थित "स्वर्ग सेवा सदन आश्रम" में अधिक मास के शुभ अवसर पर विप्रा महिला मंच की बहनों ने अध्यक्ष शिवानी चतुर्वेदी के साथ एक विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस सेवा कार्य के अंतर्गत आश्रम में रह रहे जरूरतमंद लोगों को भोजन करवाया तथा सेवा-भाव के साथ ही अन्य पुण्य कार्य किए गए।
बुधवार की सुबह आयोजित कार्यक्रम में सभी विप्रा बहनों ने अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना सहयोग एवं उपस्थिति दर्ज करायी गई। सचिव डॉक्टर राजरानी शर्मा ने कहा कि अधिक मास में दान, सेवा और जरूरतमंदों की सहायता का विशेष महत्व होता है, इसलिए यह आयोजन समाज सेवा की भावना को समर्पित रहेगा।
कार्यक्रम में मंच की अध्यक्ष शिवानी चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष शैलजा मिश्रा और कल्पना पाठक ने अपने बेटे के जन्मदिन पर आश्रम के सभी 'प्रभुजी' लोगों को फल वितरित किये ।
इस कार्यक्रम में उपाध्यक्ष डॉक्टर शैलजा मिश्रा, सचिव डॉ. राजरानी शर्मा, ज्योति शर्मा, दीप्ति शर्मा, स्मिता पांडे, कृष्णा विश्राम शर्मा, कल्पना पाठक, मंजू शर्मा, कल्पना ऋषीश्वर, सीमा दूबे, श्रुति उपाध्याय, मुनमुन शुक्ला, काव्यांश शर्मा, सुमन तिवारी, सपना पारशर, संगीता शर्मा आदि उपस्थित रही।
