ग्वालियर। बीते जून माह 2025 में कोरोगेटेड बॉक्स बनाने की फैक्ट्री के मालिक के साथ क्रिप्टो ट्रेडिंग इन्वेस्टेमेन्ट के नाम पर 01 करोड़ 41 लाख रुपये की ठगी की गई थी। इस ठगी के मामले में सायबर क्राइम विंग की टीम ने पूर्व में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुमन गुर्जर को क्राइम ब्रांच ग्वालियर की सायबर क्राइम विंग से सायबर फ्रॉड में शेष वांछित आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही कर उन्हें पकड़ने के लिए निर्देशित किया था।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशो के परिपालन में डीएसपी क्राइम नागेन्द्र सिंह सिकरवार एवं मनीष यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच अमित शर्माद्वारा सायबर क्राइम प्रभारी धर्मेन्द्र कुशवाह के नेतृत्व में सायबर क्राइम विंग की टीम को फ्रॉड में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर पकड़ने के लिए लगाया गया।
प्रकरण की विवेचना पुलिस टीम ने पूर्व में पकड़े गये दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर उनके बैंक खातों के संबंध में गहनता से पूछताछ की गई तो आरोपियां ने बताया कि उनके द्वारा खाते अपने दो अन्य साथियां को बेचे थे। जिसके आधार पर सायबर क्राइम टीम द्वारा म्यूल बैंक खाते खरीदने वाले दो आरोपियों को पकड़ लिया । पूछताछ में उन्होनें अपने नाम मनीष यादव पुत्र केदार सिंह यादव, निवासी चार शहर का नाका, थाना हजीरा जिला ग्वालियर, और ईशू छारी पुत्र संगीत छारी निवासी गोकुल धाम कॉलोनी शील नगर बहोड़ापुर जिला ग्वालियर बताया। पकड़े गये दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट से पीआर लेकर पूछताछ की गई तो उन्होने बताया कि वह ऐसे लोगों से सम्पर्क करते हैं जो अपने खाते को रुपये लेकर बेचने के लिए तैयार रहते हैं फिर जो खाता बेचने के लिए तैयार हो जाते हैं तो उनको ग्वालियर बुलाकर होटल में ठहराया जाता एवं उनके खाते लेकर सायबर फ्रॉड करने वाले आरोपियां को बेचकर कमीशन लेकर खाता धारक को उनके खाते का कमीशन देकर भेज दिया जाता था। आऱोपी ईशू छारी से फ्रॉड के रुपयों में से 50 हजार रुपये जब्त किये गये हैं। पुलिस द्वारा पकड़े गये दोनों आरोपियां से अन्य साथियों के बारे में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
*जब्त मशरूकाः-* फ्रॉड के रुपयों में से 50 हजार रुपये जब्त।
*सराहनीय भूमिकाः-* इस कार्यवाही में क्राइम ब्रांच ग्वालियर व साइबर क्राइम विंग की सराहनीय भूमिका रही है।
