ग्वालियर। सिंधिया शोध केंद्र एवं सेंटर फॉर एयर पावर स्टडीज़ (CAPS) भारतीय वायुसेना के सहयोग से ग्वालियर के जयविलास पैलेस में "भारतीय वायुसेना और मध्य भारत: महाराजपुर एयरबेस की कहानी" विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर वाइस मार्शल एवं CAPS के महानिदेशक अनिल गोलानी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
अपने व्याख्यान में एयर वाइस मार्शल गोलानी ने भारतीय वायुसेना के ऐतिहासिक विकास, उसकी सामरिक क्षमताओं और विशेष रूप से मध्य भारत की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ग्वालियर के समीप स्थित महाराजपुर एयरबेस के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि किस प्रकार यह एयरबेस राष्ट्रीय सुरक्षा और वायु शक्ति के सुदृढ़ीकरण में अहम योगदान देता आ रहा है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि किस तरह भारतीय वायुसेना ने उस समय अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। एयर वाइस मार्शल गोलानी ने इस अवसर पर सिंधिया महाराजों के भारतीय नागरिक उड़्डयन और वायुसेना में योगदान का भी उल्लेख किया और कहा कि ग्वालियर का संबंध केवल सांस्कृतिक व ऐतिहासिक धरोहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की सामरिक शक्ति से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। अपने व्याख्यान में उन्होंने वायुसेना के आधुनिकीकरण पर विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर कार्यक्रम में स्वागत सिंधिया शोध केंद्र के प्रमुख अरुणांश बी गोस्वामी ने किया। कार्यक्रम में एयर कमोडोर मनीष शर्मा, वीएम (एयर ऑफिसर कमांडिंग ग्वालियर) तथा वायुसेना के अधिकारी, ब्रिगेडियर विजयंत महाड़ीक, एनसीसी कैडेट्स सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
