
ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सैनानी होते हैं। सरस्वती के साधक होने के साथ ही कड़ी मेहनत से सूचनाओं को आमजन तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री यादव बुधवार को मुरैना जिला मुख्यालय पर श्रमजीवी पत्रकार संघ के दो दिवसीय महाधिवेशन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
त्रिवर्षीय महाधिवेशन में डॉ. यादव ने यह भी कहा है कि श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा पत्रकारों के हित में जो मांगें रखी हैं, उसके निराकरण के लिये शासन स्तर से एक कमेटी का गठन किया जायेगा। इस कमेटी में श्रमजीवी पत्रकार संघ के पदाधिकारियों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल कर पत्रकारों की समस्याओं का निराकरण किया जायेगा।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल, विधायक दिनेश गुर्जर, बलवीर डण्डौतिया, कार्यक्रम संयोजक राजकुमार दुबे, जिला अध्यक्ष रामशरण शर्मा एवं प्रदेशभर से आए पत्रकार साथी उपस्थित थे।
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि श्रमजीवी पत्रकार संघ पत्रकारों के हित में कार्य करने वाला बहुत पुराना संगठन है। संगठन पत्रकारों के हित में निरंतर कार्य करता है। प्रदेशभर में श्रमजीवी पत्रकार संघ कार्य कर रहा है।
पत्रकार लोकतंत्र की सबसे जागरूक कौम है;तोमर
विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की सबसे जागरूक कौम है। श्रमजीवी पत्रकार संघ मध्यप्रदेश का सबसे पुराना संगठन है। संगठन प्रदेशभर में पत्रकारों के हित में कार्य कर रहा है। पत्रकार साथी निरंतर कार्य कर महत्वपूर्ण सूचनाओं को आम जन तक पहुँचाने के दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।
कार्यक्रम के प्रारंभ में श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा श्रमजीवी पत्रकार संगठन की मांग पर मुख्यमंत्री ने पत्रकार बीमा कराने की तिथि बढ़ाने की घोषणा की, जिसके कारण प्रदेशभर के पत्रकारों को लाभ हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पत्रकारों के हित में विभिन्न माँगों का एक ज्ञापन भी सौंपा और आग्रह किया कि पत्रकारों के हितों के लिये इन मांगों को प्रदेश सरकार शीघ्र पूर्ण करे।
कार्यक्रम में प्रदेशभर के जिलों से आए श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्षों ने भी अपनी-अपनी बात रखी।