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"132 महिलाएं बन चुकी हैं शक्ति दीदी"; आज पाँच और जरूरतमंद महिलाओं ने शक्ति दीदी बनकर थामा आत्म- निर्भरता का हाथ, ग्वालियर की जरूरतमंद महिलाएं ‘शक्ति दीदी’ बनकर हो रहीं हैं आत्मनिर्भर

ग्वालियर जिले में ‘शक्ति दीदी’ के रूप में हुआ नवाचार महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बन गया है, बुधवार को जिले की 5 और जरूरतमंद महिलाएं शक्ति दीदी बनीं

ग्वालियर। कभी रोजगार की तलाश में घर की चौखट तक सीमित रहने वाली अपनों से उपेक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की जरूरतमंद महिलाएं पेट्रोल पंपों पर सफलता-पूर्वक फ्यूल डिलीवरी की जिम्मेदारी संभाल रहीं हैं। इन महिलाओं के हाथ सिर्फ वाहनों में ईंधन ही नहीं भर रहे, बल्कि मान-सम्मान व आत्मविश्वास के साथ अपने और परिवारजनों के जीवन में सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई ऊर्जा भी भर रहे हैं। 

ग्वालियर जिले में ‘शक्ति दीदी’ के रूप में हुआ नवाचार महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बन गया है। बुधवार को जिले की 5 और जरूरतमंद महिलाएं शक्ति दीदी बनीं। जिले में अब 132 महिलाएं सफलतापूर्वक शक्ति दीदी के रूप में फ्यूल डिलीवरी वर्कर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप कलेक्टर रुचिका चौहान ने शक्ति दीदी नवाचार किया है। यह नवाचार जरूरतमंद महिलाओं को केवल रोजगार देने के लिए ही नहीं , उन्हें समाज में सम्मान के साथ अपने पैरों पर खड़ा करने के उद्देश्य से किया गया है।

‘शक्ति दीदी’ बनकर महिलाएं स्वयं की पहचान तो बना ही रही हैं, साथ ही परिवार की आर्थिक मजबूती में भी सहभागी बनीं हैं। कलेक्टर रुचिका चौहान ने बुधवार को कामतानाथ फिलिंग स्टेशन, बड़ागांव पर सुश्री राधा कुशवाह व सुश्री वर्षा वर्मा को शक्ति दीदी की जिम्मेदारी सौंपी। इसी तरह सांई हरीलीला, डीबी सिटी के सामने सुश्री फूलनदेवी को, सुविधा फ्यूल्स कम्पू पर सीमा यादव को एवं सेठ रतिलाल बेचारदास, फूलबाग पर गायत्री शाक्य को शक्ति दीदी के रूप में फ्यूल डिलीवरी वर्कर की जिम्मेदारी सौपी गई है।