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'राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन'; दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम: 35 दिव्यांग प्रशिक्षणार्थियों को 200 प्रकार की आवश्यक सामग्री एवं उपकरण वितरित कराए गए

यह कार्यक्रम ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, कदम जन विकास संस्थान एवं इनेबल इंडिया के सहयोग से आयोजित किया गया

ग्वालियर जिले के दिव्यांग प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार से जोड़ने एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इस क्रम में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में सोमवार को आयोजित हुए कार्यक्रम में 35 दिव्यांग प्रशिक्षणार्थियों को लगभग 200 प्रकार की आवश्यक सामग्री एवं उपकरण वितरित किए। यह कार्यक्रम ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, कदम जन विकास संस्थान एवं इनेबल इंडिया के सहयोग से आयोजित किया गया। प्रशिक्षणार्थियों को उनकी स्वरोजगार गतिविधियों के अनुसार रेफ्रिजरेटर, गैस चूल्हे, सिलाई मशीन, नाप-तौल मशीन, ग्राइंडर-मिक्सर, जूसर, चेयर-टेबल, स्टडी टेबल, रैक सहित विभिन्न आवश्यक उपकरण प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में लीड बैंक अधिकारी अमिता शर्मा , राज्य गा्रमीण आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक विनीत गुप्ता, जिला प्रबंधक कौशल विकास जसविंदर कौर, कदम जन विकास संस्थान के सचिव अनुपम साहू, इनेबल इंडिया के प्रोजेक्ट हेड पंकज शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आरसेटी के राजीव हिंडोलिया ने की। यह पहल दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

दस्तकारी हाट में 7 से 15 सितम्बर तक लगेगा बुनकर मेला

संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम द्वारा ग्वालियर में देवी अहिल्याबाई बुनकर मेला वर्ष 2026 का आयोजन 7 सितम्बर से 15 सितम्बर तक दस्तकारी हाट मेला परिसर ग्वालियर में किया जा रहा है। मेले में मध्यप्रदेश के बुनकर, शिल्पियों द्वारा भागीदारी की जायेगी। बुनकर एवं शिल्पियों को मेले में नि:शुल्क दुकानें उपलब्ध कराई जायेंगीं। मध्यप्रदेश के अन्य जिलों से आने वाले शिल्पियों के क्षेत्र जैसे चंदेरी, महेश्वर, बाग प्रिंट, बटिक प्रिंट, पड़ाना की बैडशीट, नीमच मंदसौर की चादर सहित अन्य बुनकर एवं शिल्पियों को मेला परिसर में दुकान नं. 1 से 20 तक दुकानें आरक्षित रहेंगीं। अन्य दुकानों का आवंटन शिल्पियों को लॉटरी के माध्यम से किया जायेगा।