राजनीति

“मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान”; बिलौआ में लगा तीसरा जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर, जमीन संबंधी विवाद निपटे तो घर के नजदीक ही बन गए दिव्यांगों के प्रमाण-पत्र

शिविर में 126 आए आवेदनों में अधिकांश का मौके पर निराकरण किया, संभागीय आयुक्त खत्री एवं कलेक्टर ने कराया समस्याओं का निराकरण, खसरे की कॉपी भी मौके पर ही मिली

ग्वालियर। सूर्य प्रकाश को दिखाई नहीं देता और सूबेदार कुशवाह चलने-फिरने में असमर्थ हैं। लम्बे समय से दिव्यांगता प्रमाण-पत्र की उम्मीद लगाए बैठे इन दोनों दिव्यांगों को उनके घर के नजदीक प्रमाण-पत्र बनाकर सौंपे गए। इसी तरह मिजाजी लाल, ज्योति व कमलेश के आयुष्मान कार्ड बन गए तो हरचरण कुशवाह, द्रोपदी, छुटिया व ग्यासोबाई के लंबित जमीन संबंधी प्रकरण का न केवल निराकरण हुआ बल्कि दस्तावेजों में अमल होकर खसरे की कॉपी भी उन्हें मिल गई। स्थानीय निवासियों की ऐसी ही तमाम समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया गया। यहाँ बात हो रही है “मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” के तहत शनिवार को बिलौआ में आयोजित जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर की । पूर्व मंत्री इमरती देवी एवं नगर परिषद बिलौआ की अध्यक्ष विजयलक्ष्मी चौरसिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित हुए इस शिविर में संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, कलेक्टर रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  धर्मवीर सिंह व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सोजान सिंह रावत ने मौके पर ही समस्याओं का निराकरण कराकर आम जनता का सरकार के प्रति विश्वास मजबूत किया। शिविर में दिव्यांगों के प्रमाण-पत्र बनाने के लिये मेडीकल बोर्ड बैठा और नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। साथ ही आधारकार्ड, आयुष्मान-कार्ड व फार्मर आईडी भी शिविर में बनाई गईं। जिला स्तरीय शिविर में एसडीएम भितरवार राजीव समाधिया सहित सहित विभिन्न विभागों के जिला व खंड स्तरीय अधिकारी जन समस्याओं के निराकरण के लिये पहुँचे थे। शिविर में कुल मिलाकर लगभग 126 समस्यायें प्राप्त हुईं। इनमें से अधिकांश का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष समस्याओं को सीएम हैल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज किया है, जिससे इनके निराकरण की लगातार मॉनीटरिंग होती रहे। शिविर में उद्यमी संवाद भी हुआ। साथ ही मौके पर ही निराकृत समस्याओं के प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, राजस्व अभिलेख में हुए अमल की कॉपी का वितरण भी किया गया।

स्थानीय उद्यमियों ने अपनी सफलता के अनुभव साझा किए

शिविर में स्थानीय एंटरप्रेन्योर (लघु उद्यमी) ने अपनी सफलता के अनुभव साझा कर अन्य युवाओं को सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर उद्यम स्थापित करने के लिये प्रेरित किया। बिलौआ निवासी सोनू कुशवाह का कहना था कि पहले हम दूसरे की ऑटो पार्ट्स की दुकान पर मजदूरी पर काम करते थे। सीएम उद्यम क्रांति योजना ने मुझे ऑटो पार्ट्स की दुकान का मालिक बना दिया है। इस योजना के तहत मिले 2 लाख रुपए के लोन से हमने अपनी दुकान खोली है और अब हम दो अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। अनुराग पाण्डे ने भी इसी योजना से 10 लाख  का लोन लेकर आरओ प्लांट लगाया है। वे भी पहले दूसरे के प्लांट पर काम करते थे। अनुराग पाण्डे का कहना था कि हम स्वयं तो आत्मनिर्भर बने ही हैं, स्थानीय आधा दर्जन लोगों को भी हमारे प्लांट ने रोजगार दिया है। अनुराग ने शिविर में संकल्प लिया कि वे एक आंगनबाड़ी केन्द्र को नि:शुल्क फिल्टर वाटर के कैम्पर उपलब्ध करायेंगे। इसी तरह भारत सरकार की मुद्रा योजना के तहत लोन लेकर गोपाल यादव ने दौना-पत्तल बनाने की लघु औद्योगिक इकाई, भागीरथ चौरसिया ने एमपी ऑनलाइन कियोस्क और पवन आर्या ने फोटो स्टूडियो खोलकर खुद तो आत्मनिर्भर बने ही हैं, साथ ही औरों को भी रोजगार दे रहे हैं।

शिविर से पहले हुआ शासकीय संस्थाओं का निरीक्षण

बिलौआ में जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर के शुरू होने से पहले कलेक्टर रुचिका चौहान ने बिलौआ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, शासकीय सीनियर बालक छात्रावास, आंगनबाड़ी केन्द्र एवं यहाँ के स्कूलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में पानी की निकासी की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश बिलौआ सीएमओ को दिए। साथ ही सम्पूर्ण परिसर में रोशनी की पुख्ता व्यवस्था करने पर बल दिया। कलेक्टर ने यहाँ के सरकारी स्कूल परिसर से अतिक्रमण हटाकर अनाधिकृत रास्ता बंद कराने के निर्देश तहसीलदार को दिए हैं। माध्यमिक विद्यालय की सातवीं कक्षा की कुछ छात्राओं को संस्कृत विषय की पुस्तक न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और बीआरसी का तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। कलेक्टर  ने स्कूल में एक शिक्षक की तरह बालिकाओं को अंग्रेजी में आवेदन एवं अन्य लेखन में कैपिटल लेटर का महत्व समझाया। आंगनबाड़ी केन्द्र की व्यवस्थायें ठीक न पाए जाने पर उन्होंने यहां के सीडीपीओ और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस जारी करने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए हैं। यहाँ के छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी कलेक्टर ने तहसीलदार को दिए हैं। इस मौके पर जिला पंचायत के सीईओ सोजान सिंह  एवं एसडीएम राजीव समाधिया भी कलेक्टर के साथ थे। विभिन्न विभागीय अधिकारियों द्वारा भी अपने-अपने विभाग से संबंधित संस्थाओं का निरीक्षण किया गया।