ग्वालियर। जिले में वर्षा जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत व्यापक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि मैदानी अमला पूरी सतर्कता के साथ जरूरतमंदों को समय पर उपचार उपलब्ध कराए। साथ ही अस्पतालों में जरूरी दवाओं का पर्याप्त भण्डारण रहे। कलेक्टर ने बारिश के मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए समय-समय पर जन-जागरूकता संबंधी सलाह भी जारी करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए हैं।
कलेक्टर के निर्देशों के पालन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एमएस सागर ने वर्षा जनित बीमारियों से बचाव के लिए एडवायजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि बारिश में उल्टी-दस्त, हैजा, पीलिया और टायफाइड जैसे जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इनसे बचाव के लिए केवल उबला हुआ एवं ढंककर रखा पानी ही पीने की सलाह दी गई है।
एडवायजरी में नागरिकों से बासी एवं खुले में रखे भोजन का सेवन नहीं करने की अपील की गई है। सड़े-गले तथा कटे-फटे फल खरीदने से बचने, फल एवं सब्जियों को अच्छी तरह धोकर उपयोग करने तथा भोजन बनाने, परोसने और खाने से पहले साबुन से हाथ धोने की सलाह दी गई है। साथ ही खुले में बिकने वाले नाश्ते, चाट-पकौड़ी एवं अन्य खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने का आग्रह किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बारिश के दौरान मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिए घर एवं आसपास पानी जमा नहीं होने दें। अनुपयोगी बर्तन, टायर, टूटे मटके, गमले और बाल्टियों में पानी एकत्र न होने दें। कूलर एवं पानी की टंकियों का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें। घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें तथा खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं। बुखार आने पर तत्काल रक्त जांच कराकर चिकित्सकीय परामर्श के बाद ही दवा लें।
डॉ. सागर ने बताया कि लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संभावित प्रभावित ग्रामों का चिन्हांकन कर लिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में डिपो होल्डर नियुक्त किए गए हैं तथा त्वरित कार्रवाई के लिए कॉम्बेट टीमों का गठन भी किया गया है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं को अलर्ट मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम ने शुरू किया एंटी-लार्वा का छिड़काव: बारिश से मच्छरजनित बीमारियों के प्रकोप को रोकने निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित मोर्चा संभाला
ग्वालियर में मंगलवार एवं बुधवार को शहर में हुई बारिश के चलते कई निचले स्थानों पर पानी एकत्र हो गया है। जल-भराव होने के कारण डेंगू, मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के तेजी से फैलने का खतरा बढ़ गया है। इस गंभीर स्थिति से निपटने और बीमारियों के प्रकोप को रोकने के लिए नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय के निर्देशानुसार वार्ड क्र- 2 झाडू वाला मोहल्ला, वार्ड18 सी सेक्टर दीनदयाल नगर सहित शहर के दो दर्जन से अधिक जल-भराव वाले स्थानों पर मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोकने के लिए पानी में बड़े पैमाने पर बलीचिंग पाउडर डाला जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न मोहल्लों और गलियों में कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव (एंटी-लार्वा स्प्रे) कराया जा रहा है। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने आसपास पानी एकत्रित न होने दें, कूलरों व गमलों का पानी नियमित रूप से बदलें और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।
यहाँ पर किया ब्लीचिंग पाउडर एवं दवाइयों का छिड़काव
निगमायुक्त के निर्देशानुसार सभी स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है। जिसमें बीते रोज घोसीपुरा, डीडी नगर, तरूण विहार वार्ड 21, कैलाश विहार वार्ड 29, सनवैली के पास, श्रीराम कॉलोनी, हरिशंकरपुरम के पास आदि स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर एवं दवाइयों का छिड़काव किया गया।
