ग्वालियर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसल का बीमा कराने की तिथि राज्य शासन द्वारा बढ़ा दी गई है। अब किसान भाई 17 अगस्त तक अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना शीघ्र फसल बीमा कराएं। कलेक्टर रुचिका चौहान ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के मैदानी अधिकारियों को जिले के अधिकाधिक किसानों की फसलों का बीमा कराने लिये जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। इस क्रम में बुधवार को दो प्रचार-प्रसार रथ ग्रामीण क्षेत्रों के लिये रवाना किए गए। यह रथ एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के सहयोग से तैयार कराए गए हैं।
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास भानु प्रकाश शर्मा ने बताया कि ऋणी एवं गैर ऋणी कृषक अधिसूचित फसलों का बीमा करा सकें, इसके लिये नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल (एनसीआईपी) खोल दिया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से ऋणी कृषकों की फसलों का बीमा उन बैंक शाखाओं द्वारा किया जायेगा, जिनमें उनके केसीसी खाते संचालित हैं। गैर ऋणी कृषक अपनी फसल का बीमा किसी भी नजदीकी बैंक शाखा, प्राथमिक कृषि साख समिति, कॉमन सर्विस सेंटर अथवा पीएमएफवाय पोर्टल पर मोबाइल एप के माध्यम से कर सकते हैं। ग्वालियर जिले में “एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया” द्वारा फसल बीमा किया जा रहा है।
फसल बीमा कराने के लिये किसानों को मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम जमा करना है
उप संचालक कृषि ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ फसलों के लिए किसानों को केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना होता है, जबकि शेष प्रीमियम का वहन केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किया जाता है।
विस्तृत जानकारी के लिये किसान भाई यहां करें संपर्क
योजना संबंधी अधिक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विस्तार अधिकारी, निकटतम कृषि कार्यालय अथवा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के हेल्पलाइन नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। ज्ञात हो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, सूखा, अतिवृष्टि, जलभराव तथा प्रतिकूल मौसम के कारण फसलों को होने वाले नुकसान से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए फसल बीमा किसानों के लिए एक प्रभावी सुरक्षा कवच है।है।
इधर किसानों के हित में दो बड़े निर्णय: मूंग उपार्जन के लिए स्लॉट बुक करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त और मूंग-उडद उपार्जन की अंतिम तिथि 20 अगस्त
किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग ने प्रदेश के किसानों के हित में महत्वपूर्ण फैसले लेते हुए ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द के खरीद की अंतिम तारीख बढ़ाकर किसानों को बड़ी राहत दी गई है। उपार्जन प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत मूंग उत्पादक किसानों के हित में मूंग उपार्जन के लिए स्लाट बुक करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त और मूंग एवं उडद उत्पार्जन की अंतिम तिथि 20 अगस्त कर दी है। इसके तहत किसान को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, रजिस्टर में पूरा ब्यौरा दर्ज करना होगा।
उल्लेखनीय है कि खाद वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए 'हाइब्रिड मोड' लागू किया गया है। किसानों के हित में उपार्जन नीति में आंशिक संशोधन करते हुए मूंग का उपार्जन कृषकों के उत्पादन का 60 प्रतिशत किये जाने का प्रावधान किया गया है। उडद एवं ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन की नई उपलब्धि हासिल हुई है। सरकार ने एमएसपी के अलावा उड़द के उपार्जन पर 600 रूपये प्रति क्विंटल बोनस देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इससे प्रदेश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने में गति मिलेगी।
