विश्वस्तरीय टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा ग्वालियर, उद्योग-अनुकूल नीति-नियमों से मध्यप्रदेश में आ रहा निरंतर निवेश, मध्यप्रदेश सरकार ने देश के अलग-अलग शहरों में निवेश आकर्षित करने के लिए रोड-शो आयोजित किए हैं
भोपाल/ ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार ने मिलकर ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन स्थापित किया है। गत ढाई वर्ष में राज्य सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों- नियमों के कारण मध्यप्रदेश में लगभग हर क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ है। यह क्रम निरंतर जारी है। पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिये अनेक निवेश अनुकूल और आकर्षक नीतियां लागू की हैं। इन नीतियों से मध्यप्रदेश को देश-विदेश के निवेशकों का अभूतपूर्व विश्वास प्राप्त हुआ है और बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया के निवेशकों का भरोसा हमारे साथ है। भारत और दुनिया की सबसे सस्ती बिजली मध्यप्रदेश में मिलती है। औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए कौशल युक्त श्रमिक मध्यप्रदेश में उपलब्ध हैं। अगर रोजगार आधारित उद्योग शुरू किये जाएं तो सरकार 5 से 10 वर्ष तक वेतन में भी सहयोग प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को मुम्बई में टेलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग जोन, ग्वालियर में उद्योगपति और निवेशकों को आमंत्रित करने के लिये आयोजित राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 'मेक इन एमपी' और 'फेथ इन एमपी' के विश्वास पर पिछले दिनों दिल्ली में हुई पहली राउंड टेबल मीटिंग में 3 हजार 500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले, जिसके कारण 14 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह केंद्र और राज्य सरकार के साथ पहली इन्वेस्टर राउंड टेबल मिटिंग थी, जिसमें अभूतपूर्व सफलता मिली।
मध्यप्रदेश सरकार ने देश के अलग-अलग शहरों में निवेश आकर्षित करने के लिए रोड-शो आयोजित किए हैं। मध्यप्रदेश सभी औद्योगिक घरानों और निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। एक बार जो यहां आकर व्यापार-व्यवसाय करता है, यहां की निवेश उन्मुख सुविधाओं और शासन-प्रशासन की सुविधाओं से प्रभावित होकर मध्यप्रदेश का ही बनकर रह जाता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का दिल है, पूर्व- पश्चिम-उत्तर-दक्षिण कोई किसी भी दिशा में जाएं, मध्यप्रदेश से जरूर गुजरता है। मध्यप्रदेश की कानून व्यवस्था सबसे बेहतर है। यहां श्रमिकों की समस्या नहीं है। भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के बाद अगले वर्ष फिर जीआईएस-2027 का आयोजन होने जा रहा है। नर्मदापुरम जिले में बाबई-मोहासा में इलेक्ट्रिकल उपकरण पार्क में भूमि- पूजन के दिन ही 1000 एकड़ क्षेत्र में भूखंड आवंटित हो गए। धार जिले में विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल सेक्टर का देश का सबसे बड़ा क्लस्टर है। यहां भी भूमि-पूजन के होते ही सभी भूखंड आवंटित हो गए। लगभग 170 एकड़ क्षेत्र में प्लग एंड प्ले मॉडल पर विकसित किये जाना वाला टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम बनकर उभरेगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना दूरसंचार विनिर्माण, अनुसंधान, डिजाइन, टेस्टिंग एवं इनोवेशन को एक ही परिसर में विकसित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन एक नई और विशेष सौगात है
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन एक नई और विशेष सौगात है, जो नई दिल्ली-एनसीआर से ज्यादा दूर नहीं है। ग्वालियर शहर को सिंधिया राजघराने का भी सहयोग मिलता रहा है। बदलते दौर में राज्यों के बीच सौहार्द्रपूर्ण संबंध बनाते हुए मध्यप्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। तीन राज्यों के साथ नदी जोड़ो परियोजना के अनुबंध करके जल प्रबंधन के कार्य किए जा रहे हैं। राजस्थान के साथ करीब 40 साल पुराने जल बंटवारे के विवाद को आपसी सहमति से हल करते हुए पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना पर हम आगे बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार सभी क्षेत्रों में भारत सरकार के सहयोग से कार्य करते हुए प्रदेश के तीव्र विकास के लिए कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन दूरसंचार उद्योग के लिए आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक स्तर की विनिर्माण सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा भारत की डिजिटल और औद्योगिक प्रगति को नई गति मिलेगी। डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश को अपने उद्योगों के विस्तार का विश्वसनीय भागीदार बनाएं। मध्यप्रदेश आइए, हमारे विकास के सहभागी बनिए और विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाइए।निभाइए।
ग्वालियर टीएमजेड में कम्पनियों का निवेश
मुख्यमंत्री ने वेलस्पन वर्ल्ड के चेयरमैन बीके गोयनका से भेंट कर केन-बेतवा परियोजना से जुड़े विभिन्न आयामों एवं संभावित औद्योगिक अवसरों पर विचार-विमर्श किया। साथ ही यूमेडिका लेबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रतीक कोठारी के साथ बैठक में कंपनी द्वारा पीथमपुर एसईजेड में फार्मास्यूटिकल निर्माण सुविधा स्थापित करने के लिये लगभग 350 से 500 करोड़ रूपये के प्रस्तावित निवेश पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने KRYFS Power Components Ltd. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक सैफुद्दीन कुरैशी से भेंट कर कंपनी की निवेश एवं विस्तार योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान बताया गया कि कंपनी को सीहोर में भूमि आवंटित की जा चुकी है तथा कंपनी द्वारा वहां ट्रांसफॉर्मर कंपोनेंट्स निर्माण इकाई की स्थापना के लिये लगभग 1000 करोड़ रूपये के निवेश की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। प्रस्तावित परियोजना के माध्यम से 2,000 से अधिक रोजगार अवसरों के सृजन की संभावना है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने गोदरेज इंडस्ट्रीज समूह के ग्रुप प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट अफेयर्स) राकेश स्वामी के साथ भी विस्तृत चर्चा कर मध्यप्रदेश में औद्योगिक विस्तार, नए निवेश अवसरों तथा विभिन्न क्षेत्रों में संभावित सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
