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"किशोर कुमार को दीसुरमयी श्रद्धांजलि";गूंजे उनके सदाबहार गीत, 'जिंदगी के सफर में...' की स्वर लहरियों से सराबोर हुआ ग्वालियर व्यापार मेला परिसर, किशोर कुमार जयंती पर सजी संगीतमय महफिल, कलाकारों ने बांधा समां

व्यापार मेले में संगीत और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम दिखा, सदाबहार गीतों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वितरित किए गए पौधे

ग्वालियर। स्वर सम्राट एवं महान पार्श्व गायक किशोर कुमार की जयंती  पर बीती रात श्रीमंत माधवराव सिंधिया व्यापार मेला परिसर सुरों, स्मृतियों और भावनाओं से सराबोर हो उठा। अंश खेल शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति द्वारा आयोजित संगीतमय श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कलाकारों ने किशोर कुमार के सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही प्रसिद्ध गीत "जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मुकाम..." की प्रस्तुति हुई, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और उपस्थित संगीत प्रेमियों ने अपने प्रिय गायक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक जादौन ने कहा कि किशोर कुमार भारतीय संगीत जगत की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी मधुर एवं बहुआयामी आवाज आज भी हर आयु वर्ग के लोगों के दिलों पर राज करती है। उन्होंने कहा कि किशोर कुमार के गीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संगीत संस्कृति की अमूल्य विरासत हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेंगी। विशिष्ट अतिथि भाजपा जिला महामंत्री धर्मेंद्र सिंह तोमर, वरिष्ठ नेता सुघर सिंह पवैया, उपेंद्र सिंह बैंस, एडवोकेट हरीश दीवान, चंद्रेश पवैया एवं योगेंद्र सिंह परिहार ने अपने उद्बोधन में कहा किशोर कुमार का संगीत समय और पीढ़ियों की सीमाओं से परे है।

उन्होंने कहा- उनकी गायकी की लोकप्रियता आज भी उतनी ही बनी हुई है, जितनी अपने समय में थी। कार्यक्रम का शुभारंभ  किशोर कुमार के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद कलाकारों ने उनके लोकप्रिय गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर देर शाम तक श्रोताओं को संगीत के सुरमयी सफर पर ले गए। इस मौके पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नागरिकों को निःशुल्क पौधों का वितरण भी किया।

कार्यक्रम में समिति पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी, कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संपूर्ण आयोजन में सुरों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों का भी सुंदर समन्वय देखने को मिला, जिसने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।दिया।