ग्वालियर/भोपाल। प्रदेश के 17 जिलों में पिछले 48 घंटे से अधिक समय से मानसून मेहरबान होते नजर आए हैं। लंबे समय से कमजोर पड़े मानसून ने आखिर सावन में रफ्तार पकड़ ली है। शहर में लगातार तीन दिन से रुक-रुक के हो रही बारिश ने शहर की सड़कों की पोल खोल दी है। पिछले दो-तीन दिनों में जिले में अच्छी बारिश हुई है। गुरुवार 06 अगस्त तक ग्वालियर जिले में 395.4 mm औसत वर्षा दर्ज हो चुकी है। जबकि पिछले साल के सीजन में इस समय तक लगभग 895.5 mm वर्षा हुई थी। वही बुधवार को 65.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही मानसून सीजन के अभी तक के दिनों में शहर में कुल 366 मिमी बारिश हो चुकी है।
प्रदेश के मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक तेज बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है, जिससे बारिश के घाटे की कुछ हद तक भरपाई होने की उम्मीद जागी है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 49 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि केवल 6 जिले ही सामान्य या उससे अधिक वर्षा वाले क्षेत्र में हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा अब भी माइनस में चल रहा है।
प्रदेश के प्रमुख शहरों में केवल ग्वालियर में औसत से 7% अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं भोपाल में 7%, इंदौर में 2%, उज्जैन में 14% और जबलपुर में 29% कम बारिश दर्ज हुई है। लगातार कम वर्षा का असर खेती, जलाशयों और पेयजल व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। ग्वालियर शहर में बारिश के सीजन में भी जलापूर्ति एक दिन के अंतराल की जा रही है।
3 दिन तेज बारिश में प्रदेश का उत्तरी हिस्सा भीगेगा
मौसम केंद्र (IMD) की मानें तो अगले 3 दिन प्रदेश के उत्तरी हिस्से के कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। यदि सिस्टम स्ट्रॉन्ग रहा और तेज बारिश का दौर लगातार चला तो बारिश के आंकड़े में सुधार आने की उम्मीद है। शुक्रवार से ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह में भारी बारिश का अलर्ट है।
इन जिलों में भी मध्यम बारिश का अलर्ट है
मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, इंदौर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, अशोकनगर, श्योपुर, नरसिंहपुर,रीवा, सतना, सीधी, मैहर, सागर, दमोह और निवाड़ी जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश की संभावना जताई है।
ग्वालियर जिले में अब तक 395.4 mm वर्षा दर्ज, पिछले सीजन से 500.1 mm कम वर्षा हुई है, जिले की सामान्य औसत वर्षा 751.2 मिमी है
बारिश की बाट जोह रहे ग्वालियर जिले के निवासियों के लिये पिछले तीन दिन सुकून भरे रहे हैं। पिछले दो दिनों में जिले में अच्छी बारिश हुई है। गुरुवार 06 अगस्त की सुबह तक जिले में 395.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज हो चुकी है। पिछले साल इस अवधि में लगभग 895.5 mm वर्षा हुई थी। इस प्रकार पिछले साल से 500.1 मिमी कम वर्षा हुई है। बता दें कि जिले की सामान्य औसत वर्षा 751.2 मिमी है।
अधीक्षक भू-अभिलेख के अनुसार जिले में इस साल मानसून में सबसे अधिक 534.6 मिमी बारिश डबरा में और सबसे कम 275.9 मिली मीटर वर्षा चीनौर तहसील में दर्ज की गई है। जिले में मौसम विज्ञान केन्द्र थाटीपुर में 370.6 मिमी, वर्षामापी केन्द्र बरई घाटीगाँव में 353.4 व भितरवार तहसील में 442.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है। पिछले साल इस अवधि में मुरार में 1076.3, घाटीगाँव में 866.3, डबरा में 912.4, भितरवार में 901.9 एवं चीनौर में 720.5 मिली मीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई थी।
बता दें मुरार तहसील (ग्वालियर शहर) की औसत वर्षा 845.28 मिमी., घाटीगाँव तहसील की 596.58, डबरा की 798.96, भितरवार की 763.98 एवं चीनौर तहसील की औसत वर्षा 751.30 मिमी है। इस प्रकार ग्वालियर जिले की औसत सामान्य वर्षा 751.2 मिमी है।
वही प्रदेश में कोटे की आधी बारिश भी नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसत 16.3 इंच (413.3 मिमी) बारिश हुई है, जबकि 20 इंच (507.2 मिमी) पानी गिर जाना था। इस तरह 19% बारिश कम हुई है। इस सीजन में अब तक हुई बारिश कोटे की आधी भी नहीं है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बदलेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, प्रदेश में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक लगातार बारिश का दौर बना रह सकता है। यदि यह सिस्टम मजबूत बना रहा तो प्रदेश में बारिश के आंकड़ों में तेजी से सुधार देखने को मिल सकता है।है।
