ग्वालियर। जिले की पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना मोहना पुलिस ने एक फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता प्राप्त की है। आरोपियों द्वारा स्वयं को अमेरिका स्थित ‘‘लेंडिंग क्लब’’ कंपनी का एजेंट बताकर अमेरिकी नागरिकों को लोन दिलाने का झांसा देकर उनसे ऑनलाइन ठगी की जा रही थी।
मोहना पुलिस को बीते रोज शनिवार को मुखबिर से सूचना मिली हुई कि एनएच-46 स्थित जैनपथ होटल के कमरों में कुछ व्यक्ति फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर संचालित कर विदेशी नागरिकों से साइबर ठगी कर रहे हैं। इस सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया, जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर धर्मवीर सिंह के निर्देश पर तथा एएसपी ग्रामीण जयराज कुबेर एवं एसडीओपी घाटीगांव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मोहना विनय सिंह तोमर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जैनपथ होटल पर दबिश दी गई।
पुलिस को दबिश के दौरान होटल के कमरा नंबर-06 में चार युवक लैपटॉप पर कार्य करते हुए मिले। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम अभिषेक राजपूत पुत्र राजकुमार राजपूत 26 साल निवासी धनपालेश्वर सोसायटी विनजोल वटवा जिला अहमदावाद गुजरात ,शिवेन्द्र नरेन्द्र सिंह परिहार उर्फ राजन पुत्र नरेन्द्र सिंह बनबहादुर सिंह परिहार 31 साल निवासी कृष्णा पार्क सोसायटी आराधना पार्क घोडासर जिला अहमदाबाद गुजरात , आर्यन राजपूत उर्फ लाला पुत्र सत्येन्द्र सिंह राजपूत 20 साल निवासी गोंदू कंपाउण्ड सिविल लाईन सीपरी बाजार झांसी उत्तरप्रदेश , शुभोम घोष उर्फ शुभम पुत्र विश्वनाथ घोष 23 साल निवासी दुकाबी जिमोमी कॉलोनी ढीमापुर सदर, रंगापहर क्रोसिंग, ढीमापुर नागालेंड का होना बताया।
पुलिस द्वारा पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पिछले लगभग पांच माह से जैनपथ होटल में रहकर प्रवल प्रताप सिंह परिहार के निर्देश पर फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर चला रहे थे। आरोपी, अमेरिकी नागरिकों का व्यक्तिगत डेटा व्हाट्सएप एवं ई-मेल के माध्यम से प्राप्त करते थे तथा स्वयं को अमेरिका स्थित ‘‘लेंडिंग क्लब’’ कंपनी का एजेंट बताकर लोन स्वीकृत कराने का झांसा देते थे। इसके बाद वे पीड़ितों से सोशल सिक्योरिटी नंबर, बैंक संबंधी जानकारी एवं प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर एप्पल गिफ्ट कार्ड, नाइकी गिफ्ट कार्ड सहित अन्य गिफ्ट वाउचर प्राप्त कर ठगी करते थे।
आरोपी बातचीत के दौरान अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर अमेरिकन लोगो से बात करते समय मूल नाम न बताते हुये यूएसए मे प्रचलित नाम FRANK (राजपूत अभिषेक), LUIS HAMILTON (शुभोम घोष), BRUCE (आर्यन राजपूत), आदि फर्जी नामों का उपयोग करते हुये बात करते थे। पकड़े गये आरोपियों ने बताया कि प्रवल प्रताप सिंह परिहार द्वारा हम लोगों को प्रतिमाह 15,000 से 20,000 रुपये सैलेरी नगद राशि के रुप में दी जाती थी और जिसके द्वारा जितनी राशि की ठगी की जाती थी उसका 05 प्रतिशत कमीशन भी दिया जाता था।
प्रथम दृष्टया आरोपियों का कृत्य धारा 318(4), 319(2), 3(5) बीएनएस एवं धारा 66-डी आईटी एक्ट के अंतर्गत दंडनीय पाए जाने पर चारों आरोपियों को थाना मोहना पुलिस द्वारा विधिवत गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में मुख्य संचालक प्रवल प्रताप सिंह परिहार फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस द्वारा साइबर ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
*जप्त मशरूका*:- 04 लैपटॉप, 07 मोबाइल फोन, 04 हेडफोन, 03 चार्जर, अमेरिकी नागरिकों से ठगी के लिए उपयोग की जाने वाली अंग्रेजी स्क्रिप्ट, कस्टमर डिटेल एवं अन्य दस्तावेज, कॉल सेंटर संचालन से संबंधित अन्य सामग्री कुल जब्त माल की कीमत लगभग 03 लाख 75 हजार रूपये।
*सराहनीय भूमिका*:- थाना प्रभारी मोहना निरीक्षक. विनय सिंह तोमर, उनि.सरनाम सिंह परमार, सउनि. कप्तान सिंह, सउनि.प्रमोद श्रीवास्तव, प्रआर. नरेन्द्र सेंगर, प्रआर. राजकुमार शर्मा, प्रआर. सतनाम सिंह, आरक्षक लोकेश जाट, महेश बघेल, सुनील धाकड़, दिगम्बर जाट, देवेन्द्र सिसोदिया, कोशलेन्द्र सिंह का सराहनीय योगदान रहा।
