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ई-विकास पोर्टल से उर्वरक वितरण होगा अधिक पारदर्शी;सफल क्रियान्वयन के लिए सरपंचों, सचिवों, रोजगार सहायकों के साथ ही कियोस्क संचालकों को दिया प्रशिक्षण

इसके बाद ग्वालियर जिले के कियोस्क सेंटर संचालकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम बीते रोज शनिवार को बाल भवन ग्वालियर में आयोजित किया गया

किसान अपने मोबाइल फोन अथवा निकटतम कियोस्क सेंटर से  घर बैठे ऑनलाइन ई-टोकन बुक कर सकते हैं, ई-टोकन प्राप्त होने के बाद किसान संबंधित निजी उर्वरक विक्रेता अथवा सहकारी समिति से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे

ग्वालियर। मध्यप्रदेश शासन द्वारा उर्वरकों के पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित वितरण तथा कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से लागू की गई ई-विकास प्रणाली के सफल क्रियान्वयन हेतु गत दिवस गूगल मीट के माध्यम से ग्वालियर जिले की समस्त ग्राम पंचायतों के सरपंचों, सचिवों एवं रोजगार सहायकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सोजान सिंह रावत के निर्देशन में आयोजित किया गया।

इसके बाद शनिवार 6 जून को ग्वालियर स्थित बाल भवन में जिले के कियोस्क सेंटर संचालकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों, एमपी ऑनलाइन के प्रतिनिधियों तथा जिले के विभिन्न कियोस्क सेंटर संचालकों ने सहभागिता की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक संचालक कृषि कुलदीप सिंह, सहायक संचालक कृषि विशाल पाठक, कृषि विस्तार अधिकारी  बंटी लाल, एमपी ऑनलाइन के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष सक्सेना, जिला प्रबंधक सहित जिले के विभिन्न कियोस्क सेंटर संचालक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के शुभारंभ पर सहायक संचालक कृषि कुलदीप सिंह ने ई-विकास पोर्टल प्रारंभ किए जाने के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रणाली उर्वरक वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं किसान हितैषी बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के साथ-साथ कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

इसके बाद एमपी ऑनलाइन के क्षेत्रीय प्रबंधक ने कियोस्क सेंटर संचालकों को ई-विकास पोर्टल के संचालन, ऑनलाइन ई-टोकन बुकिंग प्रक्रिया तथा इसके तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण में बताया कि किसान अपने मोबाइल फोन अथवा निकटतम कियोस्क सेंटर के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन ई-टोकन बुक कर सकते हैं।

ई-टोकन प्राप्त होने के बाद किसान संबंधित निजी उर्वरक विक्रेता अथवा सहकारी समिति से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे।

प्रशिक्षण के दौरान कियोस्क संचालकों को टोकन बुकिंग के समय बरती जाने वाली सावधानियों, निर्धारित सेवा शुल्क, किसानों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की प्रक्रिया तथा आगामी खरीफ सीजन में संभावित चुनौतियों के समाधान संबंधी विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने एवं कालाबाजारी की रोकथाम के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए।

कार्यक्रम के दौरान कियोस्क सेंटर संचालकों द्वारा उठाए गए विभिन्न तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रश्नों का समाधान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किया। सहायक संचालक कृषि कुलदीप सिंह, सहायक संचालक कृषि विशाल पाठक तथा कृषि विस्तार अधिकारी बंटीलाल ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का विस्तार से निराकरण किया।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे ई-विकास प्रणाली का उपयोग करते हुए ऑनलाइन ई-टोकन बुकिंग के माध्यम से ही उर्वरक प्राप्त करें, जिससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध हो सकें।