क्राइम

"मदरसा ए दारुल उल कुरान" मदरसे पर बाल आयोग की रेड; कमरों में बंद मिलीं बच्चियां, ग्वालियर में बिना मान्यता के चल रहे अवैध मदरसे पर कार्रावाई में बाल आयोग ने 22 बच्चे रेस्क्यू किए हैं, नहीं थे दस्तावेज

बाल कल्याण समिति को मिली थी गुप्त सूचना,आयोग की टीम ने अवैध मदरसा को बंद कराकर बच्चों को सुरक्षित CWC की निगरानी में सौंपा है,साथ ही मदरसे के संचालन और व्यवस्थाओं की जांच की शुरू कर दी है

शहर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के AG ऑफिस के पास संचालित यह अवैध मदरसे के संबंध में अधिकारियों को यह भी पता चला है कि यहां बच्चों की नियमित पढ़ाई नहीं होती है और यहां बच्चों को देखने वाला भी कोई नहीं है, स्टाफ की नियुक्ति भी नहीं की हैहै

ग्वालियर में "मदरसा ए दारुल उल कुरान" मदरसे पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग की औचक रेड पड़ी है। मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने अपनी टीम के साथ इस छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया है। ग्वालियर शहर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के AG ऑफिस के पास स्थित मदरसा ए दारुल उल कुरान पर शुक्रवार की शाम यह कार्रवाई की गई है।

ग्वालियर के झाँसी रोड इलाके के एजी ऑफिस के पास स्थित अंजुमन इस्लाहे मुआशरा समिति द्वारा संचालित 'दारुल कुरआन' नाम से चल रहे अवैध मदरसे पर मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने टीम के साथ औचक कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दौरान अवैध मदरसे से मौके से 8 बच्चियाँ और 18 बच्चे मिले हैं। इस मदरसे में कुल 15 बच्चियाँ 42 बच्चे  रजिस्टर्ड हैं। यहां चार साल से लेकर 16 साल के बच्चे व बच्चियां मिलें। रेस्क्यू कराए गए बच्चों में 15 बालक व आठ बच्चियां शामिल हैं। बाल कल्याण समिति की निगरानी में सभी बच्चों को अलग अलग उम्र के अनुसार बाल गृहों में रखवाया गया है। इस दौरान मदरसे में कुछ माता पिता भी पहुंच गए थे, जो बच्चों को ले जाने पर हैरत जता रहे थे। इसके अलावा अवैध मदरसे में आयोग को निरीक्षण में कई और कमियां भी मिली हैं।

इस अवैध मदरसे में 15 बच्चियां और 42 बच्चे रजिस्टर्ड होने की भी जानकारी भी सामने आई है। इतना ही नहीं औचक निरीक्षण में आयोग को कई खामियां मिलीं हैं ,कोई भी बच्चा स्कूली शिक्षा ग्रहण करता नहीं मिला है। टीम को कुछ बच्चों ने स्कूल में रजिस्ट्रेशन होने की बात जरूर कही है, लेकिन कभी स्कूल नहीं जाने का किया खुलासा भी उन्होंने स्पष्ट रूप से किया है।

आयोग ने स्कूल रजिस्ट्रेशन के भी जांच के  निर्देश दिए हैं, बताया गया है कि अंजुमन इस्लाहे मुआशरा समिति द्वारा यह बिना मान्यता के ही 'दारुल कुरआन मदरसा' संचालित है।

कार्रवाई के अंत में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने अवैध मदरसा को बंद कराकर बच्चों को सुरक्षित CWC की निगरानी में सौंपा है, साथ ही मदरसे के संचालन और व्यवस्थाओं की जांच की शुरू कर दी गई है।