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"पराली-नरवाई प्रबंधन की कवायद"; एसएमएस युक्त कम्बाइन हार्वेस्टर का उपयोग अनिवार्य, ग्वालियर जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लिया अहम निर्णय

एसएमएस की खरीदी पर मिलेगा 59,700 रुपए का अनुदान, 29 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित, विस्तृत जानकारी के लिये मेला रोड स्थित कृषि कर्मशाला में संपर्क किया जा सकता है

ग्वालियर जिले में धान की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने एवं पराली व नरवाई प्रबंधन के उद्देश्य से अहम निर्णय लिया है। जिला प्रशासन द्वारा धान कटाई में उपयोग में लाए जाने वाले कम्बाइन हार्वेस्टर में एसएमएस (स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम) का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह जानकारी सहायक कृषि यंत्री कर्मशाला द्वारा दी गई है। सरकार द्वारा एसएमएस खरीदी पर 59 हजार 700 रुपए का अनुदान दिया जाता है। 

सहायक कृषि यंत्री कर्मशाला के अनुसार एसएमएस कम्बाइन हार्वेस्टर से फसल कटाई के साथ-साथ फसल के बचे हुए अवशेषों अर्थात पराली इत्यादि को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर बिखेर देता है। इससे पराली का प्रबंधन हो जाता है। साथ ही खेतों की उर्वरता भी बढ़ जाती है।

29 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

राज्य सरकार द्वारा कृषकों को अनुदान पर एसएमएस उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ग्वालियर जिले के ऐसे कृषक जिनके पास कम्बाइन हार्वेस्टर है, वे अनुदान पर एसएमएस प्राप्त करने के लिये 29 अक्टूबर तक ऑनलाइन https://farmer.mpdage.org पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र के साथ कम्बाइन हार्वेस्टर की आरसी, खेती की बी-1 (खतौनी) एवं सहायक कृषि यंत्री ग्वालियर के नाम 3500 रुपए का डिमांड ड्राफ्ट संलग्न करना होगा। सरकार द्वारा एसएमएस खरीदी पर 59 हजार 700 रुपए का अनुदान दिया जाता है। विस्तृत जानकारी के लिये मेला रोड स्थित कृषि विभाग की कर्मशाला में संपर्क किया जा सकता है।है।