ग्वालियर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने छूटे हुए पात्र कर्मचारियों को भविष्य निधि के दायरे में लाने और नियोजकों को पुरानी बकाया राशि व विवादों के समाधान का अवसर देने के लिए दो विशेष योजनाएँ शुरू की हैं। इनमें कर्मचारी नामांकन अभियान-2026 के तहत 31 अक्टूबर तक तथा ‘विश्वास-2026’ योजना के तहत 29 दिसंबर 2026 तक लाभ लिया जा सकता है। सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, ग्वालियर ने जिले के सभी पात्र शासकीय एवं निजी संस्थानों, ठेकेदारों और नियोजकों से इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।
कर्मचारी नामांकन अभियान-2026
इस अभियान के तहत एक अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच भविष्य निधि के दायरे से छूटे पात्र कर्मचारियों को शामिल किया जायेगा। इनमें संविदा, आउटसोर्स और ठेकेदारी श्रमिक भी शामिल हैं। योजना के तहत नियोजक छूटे हुए कर्मचारियों का नामांकन करा सकते हैं। विशेष प्रावधान के अनुसार, निर्धारित शर्तों के तहत पिछली अवधि का कर्मचारी अंशदान जमा नहीं करना होगा। नियोजक को केवल अपना अंशदान, निर्धारित ब्याज और प्रति कर्मचारी 100 रुपये की एकमुश्त क्षतिपूर्ति राशि जमा करनी होगी। इस अभियान का लाभ लेने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 है।
‘विश्वास-2026’ योजना
ईपीएफओ ने पंजीकृत संस्थानों को पुरानी बकाया राशि और विवादों के समाधान का अवसर देने के लिए ‘विश्वास-2026’ योजना भी शुरू की है। इस योजना के तहत लंबित मामलों का सरलता से निपटारा किया जायेगा। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। पात्र संस्थान ईपीएफओ के नियोक्ता पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना 29 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।
सहायक श्रमायुक्त कार्यालय ने सभी पात्र शासकीय एवं निजी संस्थानों, आउटसोर्स एजेंसियों और ठेकेदारों से निर्धारित समय-सीमा में योजनाओं का लाभ लेने की अपील की है। कार्यालय ने कहा है कि पात्र श्रमिकों का नामांकन समय पर कराएँ और लंबित मामलों के समाधान के लिए अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना आवश्यक कार्रवाई करें। इससे कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा और नियोजकों को भी राहत मिल सकेगी।
