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"पराली व नरवाई न जलाने की अपील"; 'जे-फार्म ऐप' से किसान किराये पर लें कृषि यंत्र और करें फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन, जे-फार्म सर्विसेज ऐप से घर बैठे मिलेंगे कृषि यंत्र, पराली प्रबंधन में मिलेगी मदद

इधर किसानों को मानक बीज उपलब्ध कराने के लिये बीज नमूने लेकर जाँच के लिये भेजे, विभिन्न फर्मों से लिए गए सरसों व मटर की विभिन्न किस्मों के नमूने, वही कलेक्टर ने नरवाई प्रबंधन के व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए

ग्वालियर जिले के किसानों से अपील की गई है कि वे फसल कटाई के बाद खेतों में बची पराली एवं नरवाई को न जलाएं, बल्कि आधुनिक कृषि यंत्रों की सहायता से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें। नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है, उसमें मौजूद लाभकारी जीवाणुओं को नुकसान पहुंचता है और वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। नरवाई प्रबंधन के लिए किसान जे-फार्म सर्विसेज ऐप के माध्यम से अपनी आवश्यकता के अनुसार ट्रैक्टर एवं अन्य कृषि यंत्र किराये पर प्राप्त कर सकते हैं। समय पर कृषि यंत्र उपलब्ध होने के साथ खेती की लागत कम करने में भी मदद मिलेगी। जिला प्रशासन द्वारा की गई इस अपील के क्रम में कलेक्टर रुचिका चौहान ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर किसानों को नरवाई प्रबंधन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।

घर बैठे कृषि यंत्र किराये पर लेने की सुविधा

उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास ने बताया कि किसान खेतों में नरवाई प्रबंधन सहित अन्य कृषि कार्यों के लिए जे-फार्म सर्विसेज प्लेटफॉर्म के माध्यम से ट्रैक्टर एवं आवश्यक कृषि यंत्र किराये पर ले सकते हैं। इस सुविधा से किसानों को जरूरत के समय कृषि यंत्र उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और कृषि कार्यों को सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।

'जे-फार्म ऐप' से कृषि यंत्र लेने की प्रक्रिया

किसान अपने एंड्रॉयड मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर से “जे-फार्म सर्विसेज - लाइट” ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप डाउनलोड करने के लिए आधिकारिक लिंक https://play.google.com/store/apps/details?id=com.jfs.hiringapplite पर जाएं। पंजीयन एवं लॉगिन करें: ऐप खोलकर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें। ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करने के बाद पंजीयन अथवा लॉगिन की प्रक्रिया पूरी करें और मांगी गई आवश्यक जानकारी भरें। गांव एवं खेत का विवरण दर्ज करें: अपने गांव, क्षेत्र और खेत से संबंधित आवश्यक जानकारी भरें, ताकि आसपास उपलब्ध कृषि यंत्रों और सेवा प्रदाताओं की जानकारी प्राप्त हो सके। आवश्यक कृषि यंत्र चुनें: नरवाई प्रबंधन के लिए सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, मल्चर अथवा अपनी जरूरत के अनुसार अन्य उपयुक्त कृषि यंत्र का चयन करें। ऐप पर उपलब्ध यंत्रों का विवरण देखकर उपयुक्त विकल्प चुनें। यंत्र मालिक या सेवा प्रदाता से संपर्क करें: ऐप पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर संबंधित यंत्र मालिक अथवा सेवा प्रदाता से संपर्क कर यंत्र की उपलब्धता सुनिश्चित करें। किराये एवं सेवा की जानकारी लें: बुकिंग से पहले यंत्र का किराया, उपलब्धता, सेवा की तारीख और अन्य आवश्यक शर्तों की जानकारी प्राप्त करें। किराये की दर एवं सेवा की उपलब्धता संबंधित सेवा प्रदाता पर निर्भर करेगी। बुकिंग की पुष्टि करें: खेत का स्थान, क्षेत्रफल और कार्य की तारीख जैसी आवश्यक जानकारी देकर यंत्र की बुकिंग सुनिश्चित करें। यदि ऐप पर ऑनलाइन बुकिंग का विकल्प उपलब्ध नहीं है, तो सीधे सेवा प्रदाता से संपर्क करें। फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें: निर्धारित समय पर कृषि यंत्र की सहायता से खेत में बचे फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें। यंत्र का उपयोग प्रशिक्षित ऑपरेटर की सहायता से करें तथा जरूरी सुरक्षा सावधानियों का पालन करें।

ऐप के उपयोग में परेशानी होने पर यहां करें संपर्क

जो किसान मोबाइल ऐप का उपयोग करने में असमर्थ हैं, वे सहायता के लिए जे-फार्म सर्विसेज के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-4-200-100 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, योजना एवं सेवा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://www.jfarmservices.in/ पर भी जा सकते हैं। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई जलाने से बचें और उपलब्ध कृषि तकनीकों एवं यंत्रों का उपयोग कर फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।

किसानों को मानक बीज उपलब्ध कराने के लिये बीज के नमूने लेकर जाँच के लिये भेजे, विभिन्न बीज फर्मों से लिए गए सरसों व मटर की विभिन्न किस्मों के नमूने

रबी मौसम में जिले के किसानों को मानक बीज व खाद उपलब्ध कराने के लिये विभिन्न बीज विक्रेताओं व फर्मों से लगातार नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जा रही है। इस कड़ी में कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सह जिला स्तरीय बीज नमूना संग्रहण अधिकारी द्वारा विभिन्न फर्मों पर भण्डारित अलग-अलग बीज उत्पादक संस्थाओं के सरसों, मटर व अन्य फसलों के बीजों के नमूने लेकर बीज परीक्षण प्रयोगशाला में जाँच के लिये भेजे गए हैं। 

उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीज विक्रेता फर्म मयंक बीज भण्डार सरद बाजार मुरार से सरसों की विभिन्न किस्म, माठूलाल हरीशंकर मुरार से सरसों की विभिन्न किस्म, महालक्ष्मी एग्रो एजेंसी गंज मुरार से सरसों व मटर, गणेश ट्रेडिंग कंपनी गंज मुरार से सरसों एवं न्यू गंभीर बीज भण्डार सदर बाजार मुरार से सरसों की विभिन्न किस्मों के बीज नमूने लेकर जाँच के लिये प्रयोगशाला भेजे गए हैं।