ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के सही और पारदर्शी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे समग्र ई-केवाईसी सत्यापन अभियान के तहत सितम्बर माह में सभी 25 क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत 1,67,000 अमान्य समग्र आईडी को सिस्टम से डिलीट कर दिया गया है। इनमें डुप्लीकेट, स्थान बदलने, मृत व्यक्तियों के नाम पर दर्ज आईडी शामिल हैं।
नोडल अधिकारी जनकल्याण प्रशांत बरैया ने बताया कि नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा डुप्लीकेट समग्र आईडी की जांच की जा रही है। जांच के दौरान 1,67,000 अमान्य समग्र आईडी पाई गई हैं, जिन्हें डिलीट किया गया है। जनकल्याण विभाग की टीमों द्वारा किए गए ई-केवाईसी भौतिक सत्यापन और आधार सीडिंग के दौरान पाया गया कि डुप्लीकेट आईडी एक ही व्यक्ति के नाम से दो या उससे अधिक समग्र आईडी एक्टिव थीं। वहीं जिन व्यक्तियों का निधन हो चुका है या दूसरे स्थान पर चले गए है, उनके नाम भी समग्र आईडी में दर्ज थे और उनका ई-केवाईसी नहीं हुआ जिसके चलते उनके नाम भी हटाए गए हैं।
निगमायुक्त ने सभी से अनुरोध किया है कि शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए समग्र ई केवायसी अवश्य करायें।
समग्र ई केवाईसी के सत्यापन में लापरवाही बरतने पर दो क्षेत्राधिकारी को नोटिस जारी, साप्ताहिक समीक्षा में हुआ है खुलासा
समग्र ई केवाईसी के कार्य में लापरवाही बरतने पर नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी द्वारा दो क्षेत्राधिकारियो को कारण बताओं नोटिस जारी किए गए।
नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी द्वारा जारी नोटिस में क्षेत्राधिकारी क्षेत्र क्रमांक 11 शिल्पा दिनकर एवं क्षेत्राधिकारी क्षेत्र क्रमांक 16 अभिषेक मिश्रा द्वारा साप्ताहिक समीक्षा के दौरान समग्र ई केवाईसी के सत्यापन एवं डुप्लीकेट एवं अमान्य आईडी विलोपित करने के कार्य में लापरवाही की गई है। क्षेत्राधिकारी शिल्पा दिनकर द्वारा एक सप्ताह में केवल 1268 आईडी डिलीट की गई है तथा क्षेत्राधिकार अभिषेक मिश्रा द्वारा केवल 175 आईडी विलोपित की गई है जो की लक्ष्य के विरुद्ध बहुत कम है।
