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"2-दिन में तिघरा का लेवल 5 फीट बढ़ा"; जल आवक में वृद्धि होने पर तिघरा बांध के गेटों को मध्य रात्रि 12 बजे के बाद कभी भी गेटों को खोला जा सकता है , रविवार देर रात 10 बजे डैम का लेवल 738.20 फ़ीट पार

सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से कई ग्रामों में जल-भराव : अतिवृष्टि प्रभावित मुरैना के पहाड़गढ़ एवं कैलारस ब्लॉक के गांवों में पहुंचे मुरैना कलेक्टर जांगिड़, ग्रामीणों का जाना हाल

ग्वालियर चंबल अंचल के साथ ही तिघरा बांध के कैचमेंट एरिया में तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। तिघरा में जल आवक बढ़ने और मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार तिघरा बांध के कैचमेंट में वर्षा की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए डैम के बढ़ते जलस्तर को स्थिर रखने के लिए तिघरा बांध में जल आवक में वृद्धि होने पर तिघरा बांध के गेटों को मध्य रात्रि 12:00 बजे के बाद कभी भी खोलकर अतिरिक्त जल की निकासी की जा सकती है।तिघरा डैम का अभी टैंक लेवल 738.20 फ़ीट है।

शहर में रविवार सुबह से रिमझिम बारिश का दौर रहा। कभी तेज तो कभी खंड हुई बारिश से मौसम बदल गया। लगातार बारिश से तापमान में भी गिरावट आई है, साथ ही लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली है। दोपहर तक शहर में करीब 35 mm बारिश दर्ज हुई है। बारिश के चलते कई इलाकों में सड़कों पर जल-भराव भी हो गया है। नगर निगम का अमला भी दिनभर पानी की निकासी के कार्य में लगा रहा। लगातार हो रही बारिश के चलते तिघरा डैम के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं।

तिघरा डैम के अतिरिक्त जल की निकासी जल आवक अनुसार की जावेगी। जल आवक में वृद्धि होने पर जल निकासी में भी वृद्धि की जावेगी। तिघरा डैम का अतिरिक्त जल को सांक नदी में छोड़ा जाएगा, जो सांक नदी होते हुए यह पानी पिलौआ बांध में पहुँचेगा।

कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग ग्वालियर ने सांक नदी के किनारे बसे हुए गांव के लोगों को सतर्क रहने व नदी किनारे न जाने के लिए सूचित किया गया है। साथ ही प्रभावित क्षेत्र के गांवों में मुनादी भी कराई गई है। उन्होंने बताया कि ग्वालियर जिले के प्रभावित क्षेत्रों में ग्राम तिघरा, ग्राम कैथा, ग्राम तालपुरा, ग्राम महिदपुर, ग्राम पृथ्वीपुर, ग्राम कुलैथ, ग्राम अगरा भटपुरा, ग्राम दुगनावली व ग्राम तिलघना ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए सूचित किया गया है । इसी तरह से जिला मुरैना के प्रभावित क्षेत्र ग्राम पहाड़ी, ग्राम जखौदा, व ग्राम बामोर में भी ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए सूचित किया गया है।

पिछले दो दिन में तिघरा का लेवल 5 फीट बढ़ा 

ग्वालियर अंचल में लगातार बारिश का असर शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले तिघरा बांध पर भी दिखाई दे रहा है। दो दिन में बांध का जलस्तर करीब 5 फीट बढ़कर 738 फीट के पार पहुंच गया है। बीते 3 सितंबर रात को तिघरा का जलस्तर 728.40 फीट था, जो 5 सितंबर की रात बढ़कर करीब 737 फीट हो गया था। यानी दो दिनों में जलस्तर में लगभग 5 फीट की बढ़ोतरी हुई है। अभी रविवार की देररात 10 बजे के बाद डैम का लेवल वर्तमान 738.20फीट क्रॉस कर  गया है। जल संसाधन संभाग ग्वालियर ने बारिश के चलते मध्यरात्रि में तिघरा डैम के गेट कभी भी खोले जाने की सूचित किया गया  है।

ग्वालियर जिले में कोटे की बारिश के करीब पहुंचा आंकड़ा

 ग्वालियर जिले में कोटे की बारिश के करीब पहुंच गया है। यहां अब तक 27 इंच पानी गिरा है, जो 94 प्रतिशत है। शिवपुरी में कोटा पूरा हो गया है। गुना और दतिया में तेज बारिश हुई तो इसी सप्ताह कोटे से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हो सकती है।

मुरैना कलेक्टर ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक रेस्क्यू कार्य तत्परता से कराने के निर्देश दिए

 मुरैना कलेक्ट लोकेश कुमार जांगिड़ ने रविवार को पहाड़गढ़ एवं कैलारस विकासखंड के अतिवृष्टि प्रभावित लीलहर का पुरा, ग्राम रीझोनी, बिशनोरी, निमांस-जोनारा पहुंचकर ग्रामीणों का हाल जाना। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक रेस्क्यू कार्य तत्परता से कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर जांगिड़ ने कहा कि सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से इन ग्रामों में जलभराव एवं अतिवृष्टि की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने निर्देश दिए कि जलस्तर कम होते ही प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कार्य तेजी से कराया जाए, ताकि नुकसान का आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

कलेक्टर ने शासकीय हाई स्कूल निमांस का भी निरीक्षण किया, जहां प्रभावित ग्रामीणों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीणों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  कमलेश कुमार भार्गव, एसडीएम शुभम शर्मा, संबंधित तहसीलदार सहित अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।रहे।