टॉप न्यूज़

'कर चोरी की सूचना' अब मोबाइल से भी दी जा सकेगी; वाणिज्यिक कर विभाग ने वेबसाइट पर शुरू किया इन्फॉर्मेशन मॉड्यूल-'टैक्स इवेजन इन्फॉर्मेशन’ की सुविधा शुरू

सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, अब नागरिक बिना किसी संकोच के सूचना साझा कर सकते हैं, सूचना पर हुई कार्रवाई की स्थिति भी देख सकेंगे

ग्वालियर। कर चोरी और कर अपवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग ने अपनी वेबसाइट www.mptax.mp.gov.in पर ‘इन्फॉर्मेशन मॉड्यूल/टैक्स इवेजन इन्फॉर्मेशन’ की सुविधा शुरू की है। इसके माध्यम से नागरिक और ईमानदारी से कारोबार करने वाले करदाता घर बैठे अपने मोबाइल से कर चोरी या कर अपवंचन से संबंधित तथ्यात्मक एवं जांच योग्य जानकारी विभाग को भेज सकेंगे। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और अन्य व्यक्तिगत विवरण पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। इस आशय की जानकारी राज्य कर संयुक्त आयुक्त वाणिज्यिक कर मधुलिका सिंह ने दी है। 

कुछ ही मिनटों में भेज सकेंगे सूचना

विभाग की वेबसाइट के होम पेज पर उपलब्ध ‘इन्फॉर्मेशन मॉड्यूल/टैक्स इवेजन इन्फॉर्मेशन’ विकल्प का चयन कर पहली बार सूचना देने वाले व्यक्ति ‘न्यू यूजर? रजिस्टर हियर’ के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी से लॉगिन करने के बाद संबंधित फर्म या व्यवसायी की जानकारी दर्ज कर सूचना भेजी जा सकेगी।

सूचना देते समय संबंधित प्रतिष्ठान का जीएसटीआईएन या पैन, व्यवसाय अथवा गोदाम का वास्तविक पता और उपलब्ध साक्ष्य के रूप में फोटो या दस्तावेज भी संलग्न किए जा सकते हैं। फोटो लेते समय मोबाइल की लोकेशन सुविधा चालू रखने की सलाह दी गई है। इससे संबंधित स्थल का सत्यापन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

सूचना पर हुई कार्रवाई की स्थिति भी देख सकेंगे

इस व्यवस्था के माध्यम से सूचना देने वाला व्यक्ति अपनी सूचना पर हुई कार्रवाई की स्थिति भी देख सकेगा। वेबसाइट पर उपलब्ध ‘इन्फॉर्मेशन स्टेटस’ विकल्प के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त की जा सकती है कि सूचना विभागीय स्तर पर किस स्थिति में है। प्राप्त सूचना का विभाग द्वारा उपलब्ध अभिलेखों और प्रचलित विधिक प्रावधानों के अनुसार परीक्षण किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वाणिज्यिक कर विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि चोरी से संबंधित सही, तथ्यात्मक और जांच योग्य जानकारी विभाग को उपलब्ध कराएं। सूचनाकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जायेगी। इसलिये नागरिक बिना किसी संकोच के सूचना साझा कर सकते हैं।

विभाग ने यह भी कहा है कि केवल तथ्यात्मक और जांच योग्य जानकारी ही दी जाए। अफवाह, अनुमान या व्यक्तिगत दुर्भावना अथवा रंजिश के आधार पर शिकायत करने से बचें, ताकि विभागीय संसाधनों का उपयोग वास्तविक कर अपवंचन के मामलों की जांच और कार्रवाई में प्रभावी रूप से किया जा सके। 

विभाग ने नागरिकों से एक ही प्रकरण में बार-बार सूचना भेजने, अस्पष्ट या अधूरे फोटो अथवा दस्तावेज लगाने तथा जीएसटीआईएन, पैन या व्यवसाय स्थल का पता जैसी आवश्यक जानकारी छोड़ने से बचने की भी अपील की गई है। साथ ही ओटीपी और व्यक्तिगत संपर्क विवरण की गोपनीयता बनाए रखने का भी आग्रह किया गया है।

इस प्रकार भेजें सूचना

विभागीय वेबसाइट www.mptax.mp.gov.in खोलें।

‘इन्फॉर्मेशन मॉड्यूल’ का चयन करें।

• ‘न्यू यूजर? रजिस्टर हियर’ के माध्यम से पंजीयन करें।

• मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी से लॉगिन करें।

• आवश्यक जानकारी, फोटो और दस्तावेज संलग्न कर सूचना सबमिट करें।करें।