अपना शहर

"मेडिकल स्टोर्स के औचक निरीक्षण में अनियमितताओं पर कार्रवाई"; एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस सात दिन के लिए सस्पेंड: स्टोर से दवाओं का क्रय-विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित

निरीक्षण में खामियां पाई जाने पर कार्रवाई, फूड एंड ड्रग्स प्रशासन एवं कलेक्टर के आदेश पर जिले में संचालित दवा दुकानों का निरीक्षण किया जा रहा है, ड्रग्स प्रशासन ने संबंधित मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ़ कार्रवाई के लिये कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं

ग्वालियर। बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति में दवाओं का विक्रय, दवाओं के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख उपलब्ध नहीं होना तथा प्रतिबंधित औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी बिल निर्धारित अवधि में प्रस्तुत नहीं किए जाने जैसी अनियमितताएं सामने आने पर औषधि प्रशासन द्वारा संबंधित मेडिकल स्टोर संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिये कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही एक मेडिकल स्टोर द्वारा कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर उसका औषधि विक्रय लाइसेंस सात दिवस के लिए निलंबित किया गया है। औषधि दुकानों के निरीक्षण के दौरान खामियां पाई जाने पर यह कार्रवाई की गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग एवं कलेक्टर रुचिका चौहान के आदेशानुसार जिले में संचालित दवा दुकानों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है।

इसी क्रम में शहर की विभिन्न दवा दुकानों का निरीक्षण कर औषधि संबंधी नियमों के पालन की जांच की गई। ड्रग्स इंस्पेक्टर   अनुभूति शर्मा से प्राप्त जानकारी के अनुसार निरीक्षण के दौरान मेसर्स साई मेडिकल स्टोर, मेसर्स यादव मेडिकल स्टोर, मेसर्स अनुपम मेडिकल स्टोर, मेसर्स वर्गी जोसेस, मेसर्स सुपुत्र इंडिया, मेसर्स देवांश मेडिकल स्टोर तथा मेसर्स एसएसटी फार्मेसी स्टोर में फार्मासिस्ट/सक्षम व्यक्ति की नियुक्ति से संबंधित अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में सात दिवस के भीतर आवश्यक फार्मासिस्ट/सक्षम व्यक्ति की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में अनुपालन नहीं होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

इसी प्रकार पूर्व में किए गए निरीक्षण के दौरान ब्रम्हाणी मेडीकल स्टोर, माँ वैष्णोपुरम राठौर धर्मकांटा के पास, एबी रोड ग्वालियर में प्रोपराइटर एवं रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में मरीजों को दवाएं दिए जाने, दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने तथा औषधियों के संबंध में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किए जाने जैसी गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं। इसके अतिरिक्त ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन, एम्पिक्लोन इंजेक्शन एवं ट्रामाडोल इंजेक्शन के क्रय-विक्रय संबंधी बिल निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं किए गए थे। इसी प्रकार की अनियमिततायें पाए जाने पर इस मेडिकल स्टोर को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिवस में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

निर्धारित अवधि में फर्म द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई करते हुए मेडीकल स्टोर का औषधि विक्रय लाइसेंस सात दिवस के लिए निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित मेडीकल स्टोर से किसी भी प्रकार का औषधियों का क्रय-विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। औषधि प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले में दवा दुकानों के निरीक्षण की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी तथा औषधि संबंधी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।