शिवपुरी/ ग्वालियर। शिवपुरी/ ग्वालियर। अटल सागर (मड़ीखेड़ा) बाँध के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही निरंतर वर्षा, बाँध में हो रही जल आवक तथा बाँध के बढ़ते जलस्तर को दृष्टिगत रखते हुए अटल सागर मडीखेड़ा बांध के 4 गेट खोल दिए गए हैं, मड़ीखेड़ा बांध 90 प्रतिशत से अधिक भरा जा चुका है। मड़ीखेड़ा बाँध के जलस्तर को निर्धारित एवं सुरक्षित स्तर पर बनाए रखने के लिए आज बांध के गेट खोलकर 2000 cumec तक जल की निकासी सिंध नदी में की जा रही हैं। सुरक्षा की दृष्टि से सिंध नदी के किनारे बसे गांव के लोगों को सतर्क रहने व नदी किनारे न जाने के लिए सूचित किया जाता है।
सिंध परियोजना के अंतर्गत अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर शुक्रवार 4 सितंबर को दोपहर 3:30 बजे 345.15 मीटर तक पहुंच गया। बांध की अधिकतम जलभराव क्षमता (FRL) 346.25 मीटर है। वर्तमान में बांध 90.90 प्रतिशत भर चुका है।
जलस्तर बढ़ने के बाद बांध के चार गेट खोल दिए गए हैं। गेट नंबर 5 और 6 को 2.25-2.25 मीटर तथा गेट नंबर 4 और 7 को 1.75-1.75 मीटर खोला गया है। इन गेटों से 1037.33 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा पावर हाउस से 135.42 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इस तरह बांध से कुल 1172.75 क्यूमेक्स पानी का आउटफ्लो हो रहा है।
🚨 जल संसाधन विभाग ने महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया
कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना संभाग मड़ीखेड़ा शिवपुरी ने कहा है कि मड़ीखेड़ा बाँध से छोड़ा गया अतिरिक्त जल सिंध नदी के माध्यम से मोहनी पिकअप वियर में पहुँचेगा। अतः मोहनी पिकअप वियर के जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए मोहनी पिकअप वियर के जलद्वारों को भी बढ़ाकर अतिरिक्त जल की निकासी की जा सकती है।
आस-पास के गांवों के सभी ग्रामीण विशेष सावधानी बरतें
सिंध नदी के किनारे बसे ग्रामों के ग्रामीणों को सूचित किया जाता है कि- नदी के किनारे बिल्कुल न जाएँ। नदी/नालों में प्रवेश न करें। बच्चों एवं बुजुर्गों को नदी के आसपास न जाने दें।
पशुओं को भी नदी के किनारे न ले जाएँ। साथ ही जलप्रवाह वाले क्षेत्रों एवं पुल/रपटों को पार करने का प्रयास न करें।प्रशासन/जल संसाधन विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें। यह सूचना अपने परिवार एवं आसपास के अन्य लोगों तक भी तत्काल पहुँचाएँ।
मड़ीखेड़ा बाँध से प्रभावित संभावित क्षेत्र
मड़ीखेड़ा, धमकन, पचपेड़िया, कल्याणपुर, नानकपुर, सुल्तानपुर एवं पवा।
मोहनी पिकअप वियर से प्रभावित संभावित क्षेत्र
ख्यावदा, साबोली, सुडा, धमधौली, सीहोर, निहाबारा, सुड, पनघटा, मगरोनी एवं पुलाहा।
प्रशासन/जल संसाधन विभाग की विशेष सूचना
कार्यपालन यंत्री सिंध परियोजना संभाग, मड़ीखेड़ा जिला शिवपुरी मप्र ने जनहित में विशेष सूचना जारी कराते हुए बताया है कि डेम के गेट खोलने एवं जल निकासी का समय जल-आवक एवं बाँध के जलस्तर के अनुसार कभी भी हो सकता है। अतः सभी नागरिक सतर्क रहें तथा सिंध नदी एवं उसके आसपास के क्षेत्रों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
धूमेश्वर धाम सिंध नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है
इधर भितरवार में भी धूमेश्वर धाम सिंध नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मोहनी पिकअप बियर से सिंध नदी में छोड़ा जा रहा है 12775 क्यूसेक के लगभग पानी। धूमेश्वर धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं से मंदिर महंत महामंडलेश्वर श्री अनिरुद्ध वन महाराज द्वारा मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं से नदी घाट पर न जाने अपील की गई है। उन्होंने नदी क्षेत्र से दूर रहने और सतर्क व सावधान रहने की अपील की है।
85 प्रतिशत से अधिक भरा हरसी बांध
भितरवार में हरसी बांध का जलस्तर शुक्रवार सुबह 8 बजे 263.77 मीटर पहुंच गया। बांध में वर्तमान में 164.29 एमसीएम पानी है, जो कुल क्षमता का 85.28 प्रतिशत है। बांध की एफआरएल 264.93 मीटर है। बीते 24 घंटे में 63.50 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि कुल बारिश 457.10 मिमी हो चुकी है। फीडर कैनाल से 32.51 क्यूमेक पानी की आवक जारी है। बांध से एचएमसी में 370 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
