मध्यप्रदेश में जल्द ही बनेंगे पांच नए एयरपोर्ट्स, सबसे पहले सिंगरौली में बनेगा एयरपोर्ट, बीते तीन साल में मध्यप्रदेश को मिले तीन नए एयरपोर्ट, दो नए एयरपोर्ट का निर्माण जारी, दो साल में ही प्रदेश में दस से अधिक रूट पर प्रारंभ हुईं हवाई सेवा
भोपाल। मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में रविवार को एक बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई।मुख्यमंत्री यादव ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू के साथ मध्यप्रदेश में चार नई सीधी हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर इनका शुभारंभ किया। भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा- कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता सीधी हवाई सेवाओं से प्रदेश के विंध्य और महाकौशल अंचल को राजधानी भोपाल तथा पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता एवं पटना से सीधा हवाई संपर्क मिला है। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने भोपाल से रीवा तक जाने वाली अलायन्स एयर की नवप्रारंभ फ्लाइट के यात्रियों को बोर्डिंग पास भी वितरित किए। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल से रीवा की इसी फ्लाइट में बैठकर रीवा के लिए रवाना हुए।
चार नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ पर राजा भोज विमानतल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने इसे मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार का “ऐतिहासिक दिन” बताकर कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में आज मध्यप्रदेश के विकास और नागरिक सुविधाओं को नए पंख लग रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भोपालवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अगले दो महीने के भीतर भोपाल से शारजाह सीधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा प्रारंभ कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए तेजी से काम कर रही है।
बीते तीन साल में ही प्रदेश में रीवा, सतना और दतिया के रूप में तीन नए एयरपोर्ट प्रारंभ हो गए हैं। उज्जैन और शिवपुरी में भी नए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट्स बनाने की मंजूरी दे दी है। इसमें सबसे पहले सिंगरौली में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो साल में ही दस से अधिक रूट पर हवाई सेवाएं प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा हवाई कनेक्टिविटी का लाभ प्रदेश के सभी अंचलों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। देश में सबसे पहले प्रदेश में ही एयर एम्बुलेंस सर्विस प्रारंभ हुई है। राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई हेली सेवा प्रतिदिन चल रही हैं और इसमें 95 प्रतिशत आकोपेंसी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय प्रदेश में हवाई सेवाएं सीमित थीं और सुविधाएं नगण्य थीं, लेकिन आज एक साथ चार नई उड़ानों का शुरू होना बदलते मध्यप्रदेश और बदलते भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं का सबसे बड़ा लाभ समय की बचत के रूप में सामने आएगा। भोपाल-रीवा के बीच सप्ताह में चार दिन, जबकि भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता के बीच सप्ताह में तीन दिन उड़ानें संचालित होंगी। वर्तमान में इन शहरों के बीच सड़क अथवा रेल मार्ग से यात्रा में कई घंटे तक लगते हैं, जबकि सीधी हवाई सेवा से यही दूरी महज दो से ढाई घंटे में ही तय की जा सकेगी।
2036 तक हवाई सेवाओं के विकास-विस्तार पर 29 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी केंद्र सरकार
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि देश में सिविल एविएशन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2016 में ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के संकल्प के साथ छोटे शहरों और आम नागरिकों तक हवाई सेवाओं की पहुंच बढ़ाई गई। पिछले वर्षों में देश में करीब 90 नए एयरपोर्ट विकसित हुए हैं और विमानों के बेड़े और हवाई यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट और हवाई कनेक्टिविटी केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। एयरपोर्ट के आसपास रियल एस्टेट, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ती हैं और रोजगार के अवसर सृजित होते हैं।
केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिविल एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हुआ है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में सुविधाओं के विस्तार के साथ सतना, दतिया और रीवा में नए एयरपोर्ट विकसित किए गए हैं। कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश की सिविल एविएशन पॉलिसी प्रभावी है और देश की राज्यों की विमानन नीतियों में इसे सर्वश्रेष्ठ नीतियों में माना जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप इंदौर से अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी और रीवा-कोलकाता, रीवा-पटना, जबलपुर-कोलकाता और भोपाल-रीवा जैसे नए हवाई मार्ग शुरू हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य शहरों को भी हवाई सेवाओं से जोड़ने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा।
सीधी हवाई सेवाओं से यात्रा का समय होगा कम
सीधी हवाई कनेक्टिविटी से यात्रियों के यात्रा समय में कमी आएगी। भोपाल-रीवा की यात्रा में जहां रेल मार्ग से लगभग 10 घंटे लगते हैं, वहीं हवाई यात्रा से यह समय लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा। भोपाल-पटना एवं रीवा-कोलकाता की यात्रा में रेल मार्ग से लगभग 22 घंटे की तुलना में हवाई यात्रा लगभग 2 घंटे में पूरी होगी। जबलपुर-कोलकाता की यात्रा भी रेल मार्ग के लगभग 22 घंटे की तुलना में लगभग 2.5 घंटे में पूरी होगी। इस प्रकार भोपाल-रीवा मार्ग पर लगभग 8.5 घंटे, भोपाल-पटना एवं रीवा- कोलकाता मार्ग पर लगभग 20-20 घंटे और जबलपुर- कोलकाता मार्ग पर लगभग 19.5 घंटे की समय बचत होगी।
किफायती किराए से यात्रियों को मिलेगा लाभ
सीधी हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में इन रूट्स पर हवाई यात्रा का किराया लगभग 8 से 10 हजार रुपये होता था तथा यात्रियों को दिल्ली जाकर फ्लाइट बदलनी पड़ती थी। नवीन सीधी सेवाओं से किराया कम होकर लगभग 3,200 से 4,500 रुपये के बीच रहेगा। भोपाल-रीवा का किराया लगभग 3,500 रुपये, भोपाल-पटना 4,500 रुपये, रीवा-कोलकाता 3,200 रुपये और जबलपुर-कोलकाता 4,500 रुपये रहेगा। नवीन चार रूट्स के प्रारंभ होने से प्रदेश की विमानन नीति में एयरलाइंस के विश्वास को भी बल मिला है।
कार्यक्रम में खेल मंत्री विश्वास सारंग, राज्यमंत्री राधा सिंह, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, भोपाल महापौर मालती राय, आयुक्त विमानन विभाग चंद्रमौली शुक्ला, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मेंबर (प्लानिंग) अनिल कुमार गुप्ता, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक, पश्चिमी क्षेत्र एच पुल्ला, अलायंस एयर के अध्यक्ष अमित कुमार, अलायंस एयर के सीईओ राजर्षि सेन, अलायंस एयर के डिप्टी सीसीओ विनीत भल्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं भोपाल से रीवा फ्लाइट में जाने वाले यात्रीगण उपस्थित थे।
