क्राइम

'अवैध शराब के खिलाफ़ आबकारी दल की दबिश'; 82 लीटर हाथभट्टी शराब और 3,200 Kg गुड़-लहान नष्ट कराया, बरामद हाथभट्टी मदिरा एवं नष्ट किए गुड़ लहान का अनुमानित मूल्य लगभग 3.38 लाख रुपए है

विशेष अभियान में आबकारी टीम ने जिले के विभिन्न स्थानों पर मुखबिर की सूचना के आधार पर दबिश दी, टीम ने मोहनपुर स्थित कंजर डेरा, सर्किल आंतरिक के एक अन्य कंजर डेरा सहित डबरा क्षेत्र में भी दबिश दी

ग्वालियर। अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री, संग्रहण और परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आबकारी विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर 82 लीटर हाथभट्टी मदिरा, 25 पाव देशी मदिरा प्लेन तथा 3,200 Kg गुड़ लहान बरामद किया। बरामद हाथभट्टी मदिरा एवं नष्ट किए गए गुड़ लहान का अनुमानित मूल्य लगभग 3 लाख 38 हजार 150 रुपए है। कार्रवाई के दौरान कुल 7 प्रकरण दर्ज किए गए। 

कलेक्टर रुचिका चौहान के आदेशानुसार आबकारी विभाग की टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई। मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर आबकारी विभाग की टीम ने वृत्त क्रमांक-4 के मोहनपुर स्थित कंजर डेरा, वृत्त आंतरिक स्थित कंजर डेरा तथा वृत्त डबरा क्षेत्र में दबिश दी। मोहनपुर कंजर डेरे से 69 लीटर हाथभट्टी मदिरा एवं प्लास्टिक के ड्रमों में 3,200 किलोग्राम गुड़ लहान बरामद किया गया। मौके पर गुड़ लहान का नमूना लेकर शेष लहान को फैलाकर नष्ट कराया गया। आरोपी की तलाश की गई, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। इस मामले में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क), 34(2) सहपठित धारा 49(क) के तहत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया।

इसी क्रम में शीला कंजर के आधिपत्य से 10 पाव देशी मदिरा प्लेन बरामद होने पर धारा 34(1)(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। वृत्त आंतरिक क्षेत्र के कंजर डेरे से 10 लीटर तथा एक अन्य मकान से 3 लीटर हाथभट्टी मदिरा बरामद होने पर धारा 34(1)(क) के तहत दो कोर्ट प्रकरण दर्ज किए गए। वृत्त डबरा क्षेत्र में 15 पाव देशी मदिरा प्लेन बरामद होने पर धारा 34(1)(क) के तहत एक प्रकरण तथा धारा 36(ए) के तहत तीन प्रकरण दर्ज किए गए। 

इस कार्रवाई में कंट्रोल रूम प्रभारी राजेश कुमार तिवारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी संतोष कुमार यादव के निर्देशन में आबकारी उप निरीक्षक हरेन्द्र सिंह मावई, रवि सिसोदिया, रोशनी पाटीदार तथा मुख्य आरक्षक अशोक शर्मा, प्रकाश सखावर, रवि कुमार बघेल, ब्रजेश नागर सहित आबकारी बल के अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आबकारी विभाग की अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री, संग्रहण एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।रहेगी।