ग्वालियर। मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ केलाश जाटव ने कहा है कि अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र सभी हितग्राहियों को शासन की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ समय पर मिले ताकि उनका जीवन स्तर बैहतर हो सके। आयोग के अध्यक्ष जाटव ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभा कक्ष में विभागिय अधिकारियों की समीक्षा वैठक में यह बात कही। विभागिय समीक्षा बैठक में केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, सीईओ जिला पंचायत सुजान सिंह रावत सहित विभागिय अधिकारी उपस्थित थे।
अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ केलाश जाटव ने कहा कि शासकीय योजनाओं में मिलने वाले बजट का कम से कम 18 प्रतिशत अनुसूचित जाति वाहुल्य बस्तियों में विकास पर खर्च करना अनिवार्य है। सभी विभागिय अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि इस प्रावधान का कढा़ई से पालन हो, उन्होंने स्वास्थ विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अनुसूचित जाति वाहुल्य बस्तियों में स्वास्थ शिविरों का आयोजन किया जाए। आयोग के अध्यक्ष डॉ जाटव ने यह भी निर्देशित किया है कि अनुसूचित जाति वर्ग के लिए संचालित सभी हॉस्टलों का भी राजस्व अधिकारी निरीक्षण करें सभी हॉस्टलों में बच्चों के लिए मूलभूत सुविधायें बैहतर स्थर की हो यह सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा बैठक के दौरान विभाग द्वारा संचालित डॉ भीमराव अम्वेडकर कामधेनु योजना, आचार्य विद्या सागर गौ सेवा सम्मान योजना, राहत योजना सहित अन्य योजनाओ की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होने अनुसूचित जाति वाहुल्य बस्तियों में पेयजल की उपलब्ध्ता के संबंध में भी निर्देशित किया है कि सभी जगह पानी की सेम्पलिंग करा कर पानी की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। बैठक में विभागिय अधिकारियों द्वारा अपने अपने विभाग के माध्यम से किये जा रहे कार्यो की जानकारी दी गई।
ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा
मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ केलाश जाटव ने ग्रामीण विकास योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की उन्होंने कहा कि अजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को बैहतर बाजार मिले इसके लिए जिले में अजीविका मॉल बनाया जाए। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में अनुसूचित जाति वर्ग के क्षेत्र में विकास कार्यो को प्राथमिक्ता के साथ किया जाए। ग्रामीण क्षेत्र की आंगनवाडी, स्कूल, हॉस्टलों में पानी की सेम्पलिंग भी कराई जाए। सभी स्थानों पर नागरिकों को स्वच्छ पेयजल मिले, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। समीक्षा के दौरान ग्रामीण क्षेत्र में संचालित विभिन्न् योजनाओं की समीक्षा की गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रावत ने ग्रामीण विकास के लिए जिले में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
