टॉप न्यूज़

"करहधाम पर गुरु पूर्णिमा मेला" 29 जुलाई को ; श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारियां, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देश पर सभी विभागों को सौंपी जिम्मेदारियां

एसडीएम मुरैना ने करह आश्रम परिसर में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की तथा विभागवार दायित्व निर्धारित किए

ग्वालियर। मुरैना जनपद के अंतर्गत करहधाम में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 29 जुलाई को प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को दृष्टिगत रखते हुए उनकी सुरक्षा, सुविधा एवं सुचारु व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मुरैना ने करह आश्रम परिसर में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की तथा विभागवार दायित्व निर्धारित किए।

बैठक में पुलिस विभाग को संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग, कंट्रोल रूम संचालन, ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी तथा यातायात व्यवस्था के प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई। वन एवं राजस्व विभाग को ड्रॉप गेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने, जबकि लोक निर्माण विभाग को आवश्यक बैरिकेडिंग एवं मार्गों के पेचवर्क सहित मरम्मत कार्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य विभाग को मेले के दौरान चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, आवश्यक दवाओं एवं एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति एवं समुचित प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने, जबकि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जनपद पंचायत को श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पेयजल, टैंकर एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

नगर पालिका बानमौर को मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, स्वच्छता एवं फायर ब्रिगेड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं तहसीलदार बानमौर एवं ग्राम पंचायत सचिवों को स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित करते हुए कानून-व्यवस्था एवं पेयजल व्यवस्था की सतत निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है।

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टेकरी से करहधाम तक अस्थायी रूप से ई-रिक्शा एवं ऑटो संचालन की व्यवस्था करने का दायित्व क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को सौंपा है, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपने-अपने दायित्वों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करें, जिससे गुरु पूर्णिमा मेला शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।