राजनीति

वंचितों को अधिकार व सम्मान दिलाने के लिये जनप्रतिनिधि आगे आएं ; राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने लिए जनप्रतिनिधियों के सुझाव

जिला पंचायत के सभागार में हुई बैठक के माध्यम से अनुसूचित जाति आयोग की ओर से जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए

ग्वालियर। समाज के वंचित लोगों को अधिकार व सम्मान दिलाने के लिये जनप्रतिनिधि आगे आएं। साथ ही सरकार की योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाने में सहभागी बनें। यह बात मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने जनप्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान कही। उन्होंने जिला पंचायत के सभागार में आयोजित हुई बैठक के माध्यम से अनुसूचित जाति आयोग की ओर से जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए। 

 राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने बैठक में जानकारी दी कि नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर परिषदों को मिलने वाले योजनाओं के कुल बजट में से कम से कम 18 प्रतिशत अनुसूचित जाति बहुल बस्तियों के विकास पर खर्च करना अनिवार्य है। पार्षदगण इस प्रावधान का विशेष ध्यान रखें और अपने-अपने क्षेत्र की अनुसूचित जाति बस्तियों को विकसित बनाएं। 

 आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने कहा कि सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिये तमाम योजनायें संचालित हैं। जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि इन योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में सक्रिय भागीदारी निभायें। उन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, आचार विद्यासागर गौसेवा सम्मान योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया। 

 इस अवसर पर अनुसूचित जाति आयोग ने एक - एक कर सभी जनप्रतिनिधियों के सुझाव लिए। आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने जनप्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से अमल किया जायेगा। साथ ही अच्छे सुझाव सरकार के ध्यान में लाए जायेंगे। 

 सोमवार को जिला पंचायत के सभागार में आयोजित हुई बैठक में अपर्णा पाटिल, अनिल सांखला व  बृजेश श्रीवास सहित नगर निगम के अन्य पार्षदगण, जिले के अन्य नगरीय निकायों, जिला पंचायत व जनपद पंचायतों के सदस्यगण एवं महेश उमरैया व  संतोष गोडियाले सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं सहायक आयुक्त जनजाति कल्याण विवेक पाण्डेय मौजूद थे।